गुरुग्राम, 17 जनवरी 2026
- मानव तस्करी एवं यौन शोषण पीड़ितों हेतु नालसा योजना पर जागरूकता शिविर आयोजित
पीड़ितों के अधिकारों व पुनर्वास पर दिया गया जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मानव तस्करी एवं यौन शोषण के पीड़ितों के कल्याण एवं संरक्षण के उद्देश्य से नालसा योजना के सम्बन्ध में जिले के विभिन्न संवेदनशील एवं प्रमुख क्षेत्रों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। यह जागरूकता शिविर श्रीमती वाणी गोपाल शर्मा, ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरपर्सन, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम के मार्गदर्शन और श्री राकेश क़ादियान, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित किए गए। ये शिविर पब, बार तथा झुग्गी-झोपड़ी जैसे क्षेत्रों में आयोजित किए गए।
जागरूकता शिविरों का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से किया गया। इस दौरान पैनल अधिवक्ताओं श्री अमित भारद्वाज एवं श्री पवन यादव ने मानव तस्करी एवं यौन शोषण के पीड़ितों को नालसा योजना के अंतर्गत उपलब्ध उनके कानूनी अधिकारों एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
अधिवक्ताओं ने बताया कि पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी प्रतिनिधित्व, पुनर्वास सहायता, मुआवजा योजनाओं का लाभ तथा विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य सहायता सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। पीड़ितों को बिना भय के न्याय प्राप्त करने के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविरों में पुलिस विभाग ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। पुलिस अधिकारियों ने मानव तस्करी एवं यौन शोषण के मामलों में पीड़ितों की पहचान, त्वरित बचाव कार्यवाही, सुरक्षा तथा पुनर्वास प्रक्रिया में पुलिस की भूमिका के संबंध में जानकारी दी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई कि वे ऐसी किसी भी घटना की सूचना बिना भय के पुलिस एवं विधिक सेवा प्राधिकरण को दें।
इन शिविरों का उद्देश्य समाज के अत्यधिक संवेदनशील एवं उपेक्षित वर्गों तक जागरूकता पहुँचाना, जमीनी स्तर पर विधिक जानकारी का प्रसार करना तथा विधिक सेवा संस्थाओं और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना रहा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मानव तस्करी एवं यौन शोषण के पीड़ितों के अधिकारों एवं गरिमा की रक्षा तथा सभी के लिए न्याय तक समान पहुँच सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
