एनएचएआई को करोड़ों का चूना
गुरुग्राम, साइबर जालसाजों द्वारा नेशनल हाईवे अथॉर्टी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पोर्टल में सेंध लगाकर सैकड़ों फर्जी पास बनाकर एनएचएआई को करोड़ों का चूना लगाए जाने का मामला सामने आया है। टोल बचाने के लिए जालसाजों फर्जी पास बनाने के साथ ही हरियाणा पुलिस के आई कार्ड, भारतीय सेना के कार्ड, स्थानीय लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड आदि फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए। ऐसे सैकड़ों फर्जी दस्तावेजों को एनएचएआई के घामडोज टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मियों ने पकड़ा है, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। घामडोज टोल प्लाजा मैनेजर ने इस तरह के हजारों लोगों की लिस्ट तैयार करके एनएचएआई और पुलिस को दी है। जिसमें पिछले 70 दिनों में टोल प्लाजा पर कंपनी ने ऐसे 1050 लोगों की पहचान की है।
रोजाना करीब 30 हजार वाहन गुजरते हैं
दरअसल, दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली और गुरुग्राम से आने वाले हर वाहन चालक को पहले घामडोज टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है। घामडोज टोल सबसे महंगा टोल प्लाजा है। इस हाईवे से रोजाना करीब 30 हजार वाहन गुजरते हैं। एनएचएआई द्वारा घामड़ोज टोल प्लाजा के आसपास 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को सस्ती दरों पर मासिक पास उपलब्ध करवाने की सुविधा दे रखी है।
टोल टैक्स से बचने के लिए अपनाए हथकंडे
टोल से गुजरने के किए वाहन चालकों ने फर्जी पहचान पत्र
इस टोल से गुजरने वाले वाहन चालक टोल टैक्स से बचने के लिए अनेक हथकंडे अपनाए। इस टोल से गुजरने के किए वाहन चालकों ने फर्जी पहचान पत्र तैयार कर लिए। हरियाणा पुलिस, सेना कार्ड तथा अन्य कई विभागों के फर्जी पहचान पत्र बना लिए और बिना टोल दिए गुजरने लगे। वहीं टोल प्लाजा के समीपवर्ती गांव अलीपुर, घामड़ोज, महेंद्रवाडा, भोंडसी के लोगों का टोल निशुल्क है। ऐसे में लोगों ने चालाकी से इन गांव के नाम से फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल भी किया। टोल प्लाजा प्रबंधक के मुताबिक टोल से गुजरने के दौरान मासिक पास की जांच करने पर यह खुलासा हुआ है। जिसमें एनएचएआई के पोर्टल में सेंध लगाकर सैकड़ों फर्जी पास बनाकर एनएचएआई को करोड़ों का चूना लगाया गया