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पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: भवानीपुर सीट बनी सबसे बड़ा सियासी रण, अमित शाह के साथ शुभेंदु अधिकारी का शक्ति प्रदर्शन

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पश्चिम बंगाल,2 अप्रैल।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा चुकी है। खासतौर पर भवानीपुर विधानसभा सीट, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  का गढ़ मानी जाती है, इस बार सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबलों में शामिल हो गई है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस सीट को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को भवानीपुर सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले हाजरा क्रॉसिंग से लेकर सर्वे बिल्डिंग तक भव्य रोड शो निकाला गया, जिसमें भारी संख्या में समर्थकों की भीड़ देखने को मिली।

ममता सरकार पर अमित शाह का हमला

रोड शो और जनसभा के दौरान अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और “तुष्टीकरण की राजनीति” का अंत तय है। शाह ने दावा किया कि इस बार पूरा बंगाल ममता बनर्जी को सत्ता से विदाई देने के लिए तैयार है।

उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और हिंसा जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि जनता इन समस्याओं से परेशान है। इसके साथ ही उन्होंने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार बनने पर सीमा को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा।

रोड शो के दौरान झड़प, बढ़ा राजनीतिक तनाव

हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल रोड शो के दौरान माहौल तनावपूर्ण भी हो गया। भवानीपुर में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबर सामने आई, जिसमें कई लोग घायल हुए। भाजपा ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक बताते हुए टीएमसी पर हमला करने का आरोप लगाया।

सीमा सुरक्षा को लेकर शुभेंदु अधिकारी के आरोप

वहीं, सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के काम में सहयोग नहीं कर रही है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में करीब 1600 किलोमीटर लंबी सीमा अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, क्योंकि राज्य सरकार जमीन उपलब्ध नहीं करा रही। अधिकारी का दावा है कि केंद्र सरकार कई बार राज्य से सहयोग मांग चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसके अलावा उन्होंने अवैध घुसपैठ और रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर भी राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

भाजपा का बड़ा वादा और रणनीति

अमित शाह ने यह भी ऐलान किया कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो 45 दिनों के भीतर सीमा पर कंटीली बाड़ लगाने का काम पूरा कर दिया जाएगा। भाजपा के लिए भवानीपुर सीट सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का केंद्र बन गई है। पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi भी आने वाले दिनों में यहां चुनाव प्रचार कर सकते हैं।

क्यों अहम है भवानीपुर की लड़ाई?

दो चरणों में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट पर सभी की नजरें टिकी हैं। एक तरफ ममता बनर्जी का मजबूत गढ़, तो दूसरी तरफ भाजपा की पूरी ताकत—यह मुकाबला राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। अब देखना होगा कि जनता इस बार किसे चुनती है—पुरानी सत्ता को या बदलाव के दावे को।

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Author: New India News Network

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