दिल्ली, 12 फरवरी 2024| हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष रह चुके सुभाष बराला को भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा में भेजने का निर्णय लिया है। सुभाष बराला प्रमुख जाट व किसान नेता होने के साथ ही हरियाणा राज्य सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन हैं, जिसके अंतर्गत राज्य के सभी बोर्ड एवं निगम संचालित होते हैं।
सुभाष बराला को मुख्यमंत्री मनोहर लाल का बेहद करीबी माना जाता है। सुभाष बराला के राज्यसभा(Subhash Barala Rajyasabha candidate) में जाने के लिए उम्मीदवार घोषित होने से एक बार फिर मुख्यमंत्री मनोहर लाल की हाईकमान में मजबूत पकड़ और उनकी पसंद को महत्व मिलने पर प्रबल मुहर लगी है।
सुभाष बराला हरियाणा किसान विकास प्राधिकरण के चेयरमैन भी हैं। वे पिछले काफी समय से राज्य के भूजल स्तर में सुधार व किसानों की माली स्थिति में बढ़ोतरी के लिए फील्ड में कार्य कर रहे हैं। सुभाष बराला को राज्यसभा में भेजने से भाजपा ने जहां जाट व किसान मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद करने की रणनीति बनाई है।
वहीं इस बात का भी संदेश दिया है कि पार्टी में सब्र करने का फल मीठा होता है। सुभाष बराला के राज्यसभा में से जेजेपी कोटे(JJP) से पंचायत एवं विकास मंत्री देवेंद्र बबली के साथ उनका राजनीतिक टकराव कम होगा तथा देवेंद्र बबली के भाजपा में आने के रास्ते खुलेंगे।
देवेंद्र बबली(Devendra Babli) फतेहाबाद जिले(Fatehabad News) की उसी टोहाना विधानसभा सीट से जेजेपी के विधायक हैं, जिससे सुभाष बराला उनसे पहले विधायक बने थे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण मुख्यमंत्री मनोहर लाल(CM Manohar Lal) ने उन्हें तब अपनी कैबिनेट में मंत्री नहीं बनाया था, लेकिन सुभाष बराला उस समय भी सबसे पावरफुल स्थिति में थे।