- कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा फर्जी बिल बनाकर, स्टॉक में हेराफेरी कर कम्पनी का माल बेचकर करोड़ों रुपये का गबन/धोखाधड़ी करने के मामले में 01 आरोपी कर्मचारी गिरफ्तार।
- फर्जी बिल बनाकर व कम्प्यूटर डाटा में हेराफेरी करके कम्पनी के साथ आर्थिक धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया।
- आरोपी ने कम्पनी में एच आर मैनेजर के पद पर कार्यरत रहते हुए वारदात को अंजाम देता था।
गुरुग्राम: 06 मई 2026
धोखाधड़ी/गबन के मामले में गुरुग्राम पुलिस की कार्यवाही
गुरुग्राम पुलिस ने कम्पनी के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी/गबन करने के मामले में कार्यवाही करते हुए शिकायतकर्ता कंपनी के 01 आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
अभियोग का विवरण
17.10.2025 को आई.बी. फार्मा प्रा. लि. के प्रतिनिधि द्वारा एक लिखित शिकायत के माध्यम से बताया गया कि कम्पनी के बिलिंग/परचेज विभाग में कार्यरत कर्मचारियों/मैनेजरों द्वारा फर्जी बिल तैयार करके, स्टॉक में हेराफेरी कर, कम्प्यूटर डाटा में फर्जी एंट्री करके तथा कम्पनी का माल रिटेल मार्केट में बेचकर कम्पनी के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी/गबन किया गया।
पुलिस थाना डीएलएफ सैक्टर-29 में अभियोग अंकित
उपरोक्त सम्बन्ध में पुलिस थाना डीएलएफ सैक्टर-29, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग अंकित किया गया तथा मामले की आगामी जांच आर्थिक अपराध शाखा-1,गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा की गई।
आरोपी की गिरफ्तारी
आर्थिक अपराध शाखा-1,गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए उपरोक्त अभियोग में संलिप्त 01 आरोपी को 05.05.2026 को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संतोष गिरी(उम्र-39 वर्ष) निवासी ताजपुर बादरपुर, (दिल्ली) के रूप में हुई है।
आरोपी से पुलिस पूछताछ
पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी संतोष आई.बी. फार्मा कम्पनी में मैनेजर/एच आर के पद पर वर्ष 2016 से 2024 तक कार्यरत था तथा इसी दौरान इसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी दवाई बिल तैयार करता था, स्टॉक में हेराफेरी करता था तथा कम्पनी का माल रिटेल मार्केट में बेचकर प्राप्त राशि का गबन करता था। आरोपी द्वारा इस प्रकार कम्पनी के साथ करोड़ों (लगभग 1.5 करोड़) रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी/गबन किया गया।
आगामी कार्यवाही
गिरफ्तार आरोपी को माननीय अदालत में पेश किया जाएगा तथा मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों की पहचान व ठगी/गबन की गई राशि की जांच की जा रही है। अभियोग का अनुसंधान जारी है।







