
नई दिल्ली, 07 अगस्त – भारत में साइबर ठगी के मामलों में विदेशी कंपनियों की बढ़ती भूमिका पर अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। हाल ही में साइबर सुरक्षा में सेंध लगाने और ठगी में शामिल पाए जाने के बाद 300 से ज्यादा चीनी कंपनियों का GST रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। इन कंपनियों द्वारा ऑनलाइन विज्ञापन देकर लोन देने से लेकर जुआ खिलाने तक के कई मामले सामने आए हैं।
साइबर ठगी का नेटवर्क
भारत में साइबर ठगी के मामलों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। विभिन्न सरकारी एजेंसियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की जांच के बाद पता चला कि इन ठगी के मामलों में कई विदेशी कंपनियां, विशेष रूप से चीनी कंपनियां, शामिल हैं। ये कंपनियां फर्जी ऑनलाइन प्लेटफार्म और विज्ञापनों के जरिए लोगों को ठगने का काम कर रही थीं।
ठगी के तरीके
इन कंपनियों द्वारा कई तरीकों से ठगी की जाती थी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
1. फर्जी लोन ऑफर :- इन कंपनियों ने ऑनलाइन विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षक ब्याज दरों पर लोन देने का वादा किया। आवेदन प्रक्रिया के दौरान वे व्यक्तिगत जानकारी और बैंक डिटेल्स हासिल कर लेती थीं।
2. जुआ और सट्टेबाजी :- कुछ कंपनियां ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराती थीं, जहां लोग अपने पैसे लगाते थे और अंत में उन्हें ठगा जाता था।
3. फिशिंग स्कैम :- इन कंपनियों ने फिशिंग वेबसाइट्स बनाकर लोगों की संवेदनशील जानकारी चुराई और उसका दुरुपयोग किया।
कार्रवाई और परिणाम
जांच एजेंसियों ने ठोस सबूतों के आधार पर इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। 300 से ज्यादा चीनी कंपनियों का GST रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई न केवल साइबर ठगी के मामलों को रोकने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को कम करने के लिए भी एक संदेश देगी।
आगे की दिशा
भारत सरकार ने साइबर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके तहत साइबर सुरक्षा नियमों को और सख्त बनाया जा रहा है और जांच एजेंसियों को तकनीकी रूप से और सक्षम किया जा रहा है। इसके अलावा, आम जनता को भी साइबर ठगी के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे ऐसे फर्जी विज्ञापनों और वेबसाइट्स से बच सकें।
निष्कर्ष
साइबर ठगी में विदेशी कंपनियों की भूमिका पर सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और किसी भी तरह की ठगी को बर्दाश्त नहीं करेगी। 300 से ज्यादा चीनी कंपनियों का GST रजिस्ट्रेशन रद्द करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल साइबर ठगी के मामलों में कमी आएगी, बल्कि अन्य कंपनियों को भी एक कड़ा संदेश मिलेगा कि भारत में साइबर अपराध को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।