
तो किराएदार कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर – किराए पर मकान लेने वाले या पहले से किराए पर रह रहे लोगों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि उनके पास कौन-कौन से अधिकार हैं। अक्सर मकान मालिक किराएदारों का अपमान करते हैं या उनके अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। इसलिए, यदि आप किराए पर घर लेने का सोच रहे हैं या पहले से किराए पर रह रहे हैं, तो अपने अधिकारों को जानना अत्यंत आवश्यक है।
1. सुरक्षित और स्वस्थ आवास का अधिकार
किराएदारों का यह अधिकार है कि उन्हें एक सुरक्षित और स्वस्थ आवास मिले। मकान मालिक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि घर की सभी सुविधाएं, जैसे बिजली, पानी, और स्वच्छता ठीक से काम कर रही हैं। यदि कोई समस्या होती है, तो मकान मालिक को उसे जल्द से जल्द ठीक करना चाहिए।
2. अनुबंध के अनुसार सुरक्षा
किराएदारों को अपने किराए के अनुबंध की शर्तों का पालन करने का अधिकार है। मकान मालिक को बिना किसी वैध कारण के किराया नहीं बढ़ाना चाहिए। अनुबंध में तय की गई शर्तों का पालन होना चाहिए, और किराएदार को भी उन शर्तों का पालन करना चाहिए।
3. अपमान और भेदभाव के खिलाफ सुरक्षा
किराएदारों को अपमानित या भेदभावित होने से सुरक्षा का अधिकार है। मकान मालिक किसी भी आधार पर, जैसे कि जाति, धर्म या लिंग, किराएदारों के साथ भेदभाव नहीं कर सकते। यदि ऐसा होता है, तो किराएदार कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
4. सूचना का अधिकार
किराएदारों को यह अधिकार है कि उन्हें किसी भी प्रकार की सूचना, जैसे कि किराए में बदलाव, संपत्ति की बिक्री, या मरम्मत कार्य के बारे में पहले से सूचित किया जाए। मकान मालिक को ऐसे मामलों में उचित समय देना चाहिए, ताकि किराएदार अपनी योजनाओं के अनुसार कदम उठा सकें।
5. किराया वापसी का अधिकार
यदि कोई समस्या हो और मकान मालिक उसे ठीक नहीं करता, तो किराएदार को अपने किराए में कमी या वापसी का अधिकार है। उदाहरण के लिए, यदि घर में पानी की समस्या है और मकान मालिक उसे ठीक नहीं करता, तो किराएदार उचित प्राधिकारी के पास शिकायत कर सकते हैं।
किराए पर रहने वाले लोगों के लिए इन अधिकारों की जानकारी होना बहुत जरूरी है।
किराए पर रहने वाले लोगों के लिए इन अधिकारों की जानकारी होना बहुत जरूरी है। यदि आप अपने अधिकारों को जानेंगे और उनका पालन करेंगे, तो आप अपने मकान मालिक द्वारा अपमानित होने से बच सकते हैं। किसी भी प्रकार की समस्या या विवाद की स्थिति में, कानूनी मदद लेने से न घबराएं। अपने अधिकारों का पालन करना आपकी जिम्मेदारी है।