
झारखंड, नई दिल्ली, 11 नवंबर 2024 – झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार में अब तेज़ी आ गई है। राज्य में चुनाव दो चरणों में होंगे – पहले चरण का मतदान 13 नवंबर को 43 विधानसभा सीटों पर, जबकि दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को 38 सीटों पर होगा। चुनाव परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झारखंड में चुनावी प्रचार करते हुए राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर जमकर हमला बोला।
अमित शाह का झामुमो पर हमला
सोमवार को सरायकेला में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी झामुमो पर गंभीर आरोप लगाए। शाह ने कहा, “हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है। यह घुसपैठी राज्य की सीमाओं के भीतर अवैध रूप से बसे हुए हैं, और झामुमो सरकार उन्हें खुलेआम संरक्षण दे रही है।”
भाजपा सरकार बनने पर क्या होगा?
अमित शाह ने यह भी कहा कि यदि झारखंड में भाजपा की सरकार बनती है, तो उनकी सरकार घुसपैठियों की पहचान करेगी और उन्हें राज्य से बाहर निकालने का कार्य करेगी। इसके साथ ही, घुसपैठियों द्वारा कब्जाई गई भूमि को पुनः आदिवासियों और स्थानीय लोगों को वापस दिलवाने के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी।
घुसपैठियों से जमीन हस्तांतरण पर कानून की बात
अमित शाह ने यह भी वादा किया कि उनकी सरकार आदिवासी महिलाओं से शादी करने के बाद घुसपैठियों द्वारा संपत्ति और जमीन के हस्तांतरण को रोकने के लिए एक नया कानून बनाएगी। उनका कहना था कि यह कानून झारखंड की आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए बेहद जरूरी है, ताकि बाहरी तत्वों को राज्य की भूमि पर अधिकार न मिल सके।
झामुमो पर गंभीर आरोप
अमित शाह ने झामुमो पर आरोप लगाते हुए कहा, “झामुमो सरकार ने सत्ता में रहते हुए राज्य के आदिवासी और स्थानीय लोगों के अधिकारों को नज़रअंदाज किया है, और उनका ध्यान केवल अपनी राजनीतिक फायदे के लिए घुसपैठियों को बढ़ावा देने पर रहा है। भाजपा की सरकार इस समस्या का समाधान करेगी और राज्य की सुरक्षा और संसाधनों की रक्षा करेगी।”
चुनावी माहौल में गर्मी
झारखंड विधानसभा चुनाव के इस दौर में, जहां एक ओर भाजपा सत्ता में वापसी के लिए जोर-शोर से प्रचार कर रही है, वहीं झामुमो और कांग्रेस गठबंधन भी सत्ता बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। दोनों पक्ष चुनावी मैदान में अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ उतर चुके हैं और आगामी चुनाव परिणाम राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक हो सकते हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री का रोड शो और प्रचार
अमित शाह ने चुनावी प्रचार के तहत अपने कई रोड शो और जनसभाएं कीं, जहां उन्होंने स्थानीय मुद्दों और विकास की बात की। भाजपा ने वादा किया है कि राज्य में विकास की गति को तेज किया जाएगा और आदिवासी समाज की बेहतरी के लिए कई योजनाएं बनाई जाएंगी।