
बागपत: सफाईकर्मियों का हंगामा, ठेकेदार के खिलाफ धर्म परिवर्तन और आत्मदाह की दी चेतावनी
नई दिल्ली, 17 नवंबर – उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में नगर पालिका के सफाईकर्मियों ने रविवार को ठेकेदार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। सफाई कर्मियों ने हवेली तिराहे पर कूड़ा डालकर विरोध जताया और आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी नोटिस के काम से हटाने की धमकी दी जा रही है।
सफाई कर्मियों ने “इस्लाम जिंदाबाद” के नारे भी लगाए
सफाई कर्मियों ने अफसरों और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उनकी वर्षों पुरानी सेवाओं का अनदेखा किया जा रहा है। इस दौरान सफाई कर्मियों ने “इस्लाम जिंदाबाद” के नारे भी लगाए और सामूहिक धर्म परिवर्तन की धमकी दी, साथ ही आत्मदाह की चेतावनी भी दी। उनकी इन गतिविधियों ने इलाके में खलबली मचा दी और यह घटना धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से संवेदनशील बन गई।
क्या है पूरा मामला? एक सप्ताह पहले नगर पालिका ने सफाई का ठेका
सफाईकर्मियों का कहना है कि वे पिछले 20-25 वर्षों से बागपत नगर पालिका में सफाईकर्मी के तौर पर कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि एक सप्ताह पहले नगर पालिका ने सफाई का ठेका लोनी के एक ठेकेदार को दे दिया, और इसके बाद ठेकेदार ने बिना कोई पूर्व सूचना दिए उन्हें काम से हटाने की धमकी दी। सफाईकर्मियों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को सुना नहीं जा रहा है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। इस कारण सफाईकर्मियों ने सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन करने की चेतावनी दी और आत्मदाह की धमकी भी दी।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ? सफाईकर्मियों ने हवेली तिराहे पर कूड़ा फेंका
रविवार की सुबह जब सफाईकर्मियों ने हवेली तिराहे पर कूड़ा फेंका, तो वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने वहां पहुंचकर सफाई कर्मियों से बातचीत की और उन्हें शांत करने की कोशिश की। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और उचित समाधान निकाला जाएगा।
सफाईकर्मियों के बयान: बल्कि उनके अधिकारों का उल्लंघन भी है।
सफाईकर्मियों ने कहा कि वे नगर पालिका में वर्षों से काम कर रहे हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार न सिर्फ अनुचित है, बल्कि उनके अधिकारों का उल्लंघन भी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब से ठेका लोनी के ठेकेदार को दिया गया है, उनकी स्थिति और भी खराब हो गई है। ठेकेदार का व्यवहार बहुत ही आक्रामक है, और उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के काम से हटाने की धमकी दी जा रही है।
सफाईकर्मियों का आरोप है कि अफसरों ने कई बार उनके मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया और उन्हें नजरअंदाज किया। इसके चलते उन्होंने अपना विरोध सार्वजनिक रूप से जाहिर किया और अपनी आवाज उठाई।
पुलिस की कार्रवाई: प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान करेगा
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सफाई कर्मियों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने सफाईकर्मियों को यह आश्वासन दिया कि प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान करेगा और यह कि वे किसी भी तरह के कटु कदम उठाने से बचें।
पुलिस ने यह भी बताया कि उन्हें अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन इस घटना के बाद अधिकारियों को मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया: स्थानीय राजनीति और समाज में भी हलचल मचाई है
इस घटना ने स्थानीय राजनीति और समाज में भी हलचल मचाई है। कुछ लोगों ने सफाईकर्मियों के इस कदम को सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता का परिणाम बताया, जबकि कुछ ने इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास करार दिया। राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर बयानबाजी शुरू कर दी है, और जल्द ही इस पर और अधिक बयान आ सकते हैं।
इस मामले में प्रशासन और पुलिस का ध्यान इस बात पर रहेगा कि यह विवाद और बढ़े बिना सुलझाया जाए, ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
सफाईकर्मियों का यह प्रदर्शन न केवल प्रशासनिक नाकामी को उजागर करता है,
बागपत में सफाईकर्मियों का यह प्रदर्शन न केवल प्रशासनिक नाकामी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जब कर्मचारी वर्षों तक बिना किसी उचित समाधान के काम करते हैं, तो अंततः उनका गुस्सा फूट पड़ता है। उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगा और सफाईकर्मियों की समस्याओं का समाधान करेगा ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।