
गुरुग्राम में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
गुरुग्राम: 12 दिसंबर 2024
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो प्रमुख और पुलिस महानिदेशक श्री ओपी सिंह के दिशा-निर्देशों एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती पंखुरी कुमार के मार्गदर्शन में गुरुग्राम जिले में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी, उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा साइकिल द्वारा गांव-गांव और शहर-शहर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
इस कड़ी में, डॉ. वर्मा ने गुरुग्राम के एंजेल्स पैलेस इंटरनेशनल स्कूल में एक दिवसीय नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें 685 विद्यार्थियों और 35 शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नशे से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई और विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे से होने वाली समस्याओं से बचने के लिए किस प्रकार नियंत्रण रखा जाए। डॉ. वर्मा ने शिक्षकों के साथ एक अलग सत्र आयोजित कर उन्हें बताया कि वे बच्चों की आदतों पर कैसे नजर रख सकते हैं और नशे से बचने के लिए क्या कदम उठा सकते हैं।
नशा नाश का द्वार है
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा नाश का द्वार है। यह शौंक बनकर मनुष्य के जीवन में आता है और धीरे-धीरे व्यसन में बदल जाता है, जो बाद में शोक का रूप ले लेता है। उन्होंने बताया कि यह जीवन में ऐसा दुश्चक्र बनता है जिससे निकलना बहुत कठिन हो जाता है।
उन्होंने राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 90 प्रतिशत अपराधों के पीछे नशे का हाथ होता है। डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि नशे के कई प्रकार होते हैं और सरकार ने इन पर प्रतिबंध क्यों लगाया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी वाले नशों पर भी गहनता से चर्चा की और बताया कि ये वही नशे हैं जो व्यक्ति को प्रतिबंधित नशों की ओर आकर्षित करते हैं।
डॉ. वर्मा ने उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति नशा पहली बार अपनी जेब से पैसे निकालकर नहीं करता, बल्कि कोई मित्र, रिश्तेदार या पड़ोसी उसे निशुल्क नशा दे कर कहता है कि थोड़ा सा ले लो, देखो कैसा आनंद आता है। उन्होंने विद्यार्थियों से यह भी कहा कि उन्हें पहले ही नशे को न कहना सीखना चाहिए, क्योंकि अगर नशा अच्छा होता तो मां कभी अपने बच्चे से कहती, “खा ले, मेरे बच्चे।”
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान डॉ. वर्मा ने नशा तस्करी से जुड़े अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस और ब्यूरो ने वर्ष 2023 में 3823 अभियोग दर्ज कर 5870 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। इस वर्ष 30 नवंबर तक 3051 अभियोग दर्ज कर 4627 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। 108 नशा तस्करी से जुड़ी संपत्ति को भी जब्त किया गया है और 77 नशा तस्करों की सूची तैयार की गई है जिनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वर्मा ने यह भी कहा कि केवल नशा तस्करों को पकड़ने से नशा मुक्त अभियान सफल नहीं हो सकता। इसके लिए जागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों की गुप्त सूचनाएं 9050891508 पर देकर पुलिस की मदद करें। इसके साथ ही नशा छोड़ने वाले लोग भी इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में, डॉ. वर्मा ने सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्त जीवन जीने की शपथ दिलाई और उनसे यह भी आग्रह किया कि वे इस संदेश को अपने घरों, स्कूलों और समाज में फैलाएं।
यह कार्यक्रम नशे के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है और यह सुनिश्चित करेगा कि आने वाली पीढ़ियां नशे के दुष्परिणामों से बच सकें।