
गुरुग्राम, 23 जनवरी।
डीसी अजय कुमार ने बताया कि जिला में 21 वर्ष तक की आयु का बच्चा जो अपने माता-पिता की सहायता अथवा देखभाल से उनकी मृत्यु होने के कारण, अपने पिता के घर से पिछले 2 वर्ष की अवधि से अनुपस्थित होने के कारण अथवा माता-पिता के लम्बी सजा, जोकि एक वर्ष से कम न हो या मानसिक व शारीरिक अक्षमता के कारण वंचित हो जाते हैं और जिनके माता-पिता, अभिभावक की सभी साधनों से वार्षिक आय दो लाख से अधिक नहीं है। वह बच्चा हरियाणा सरकार के सामाजिक न्याय एवं सहकारिता विभाग द्वारा दी जा रही वित्तिय सहायता का लाभ पात्र है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त विभाग द्वारा एक परिवार में दो बच्चों तक ₹1850 प्रति माह प्रति बच्चा पेंशन प्रदान की जा रही है।
उपरोक्त स्कीम का लाभ नहीं ले पाएंगे –
डीसी ने बताया कि उपरोक्त स्कीम का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति के पास बेसहारा होने का प्रमाण पत्र, बच्चों के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र व आवेदक का 5 वर्ष या उससे अधिक की अवधि का हरियाणा राज्य में निवासी होने का दस्तवेज जैसे कि फ़ोटोयुक्त वोटर कार्ड या राशन कार्ड आदि की स्वयं सत्यपित फोटोप्रति सहित परिवार पहचान पत्र होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आवेदक के पास यदि उपरोक्त दस्तावेजों में से कोई दस्तवेज नहीं है तो वह कोई अन्य प्रमाण पत्र सहित 5 वर्ष से हरियाणा में रिहायश का हलफनामा दे सकता है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे के माता-पिता या अभिभावक किसी भी सरकार द्वारा पारिवारिक पेंशन प्राप्त कर रहा है वो उपरोक्त स्कीम का लाभ नहीं ले पाएंगे। स्कीम का लाभ लेने के इच्छुक प्रार्थी अपने नजदीकी अंत्योदय सरल केंद्र, अटल सेवा केंद्र सहित सीएससी केंद्र पर आवेदन कर सकते हैं।
योजना के तहत पेंशन की दर–
इस योजना के तहत पेंशन की दर जनवरी, 2014 से प्रति बच्चे 500 रुपये, 01-11-2016 से 700 रुपये, 01-11-2017 से 900 रुपये, 01-11-2018 से 1100 रुपये, 01.01.2020 से 1350 रुपये, 01.04.2021 से 1600 रुपये और 2021 से 250 रुपये है। 1850/- (एक बच्चे के लिए) 01.04.2023 से तथा 2100/- (एक बच्चे के लिए) 01.01.2024 से।