हिंसा को सही ठहराया नहीं जा सकता–
स्थिति को और बिगाड़ता है
मुंबई26 जनवरी -मुंबई एयरपोर्ट पर एक महिला ने अपनी फ्लाइट छूटने पर ओला कैब ड्राइवर की पिटाई कर दी. यह घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिला ड्राइवर का पीछा करते हुए, उसे गालियां देते हुए और डंडे से मारते हुए नजर आ रही है.
हिंसा को सही ठहराया नहीं जा सकता–
घटना वाकई में काफी गंभीर है और सोशल मीडिया पर वायरल हो जाने के बाद बहुत से लोग इसे लेकर अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। महिला का ओला कैब ड्राइवर पर हमला करना न सिर्फ अवैध है, बल्कि यह समाज में हिंसा के प्रति असहिष्णुता को भी बढ़ावा देता है। जब लोग गुस्से या तनाव में होते हैं, तो अक्सर वे अपने नियंत्रण को खो बैठते हैं, लेकिन इस प्रकार की हिंसा को सही ठहराया नहीं जा सकता।
कैब ड्राइवर के साथ हुई हिंसा–
कैब ड्राइवर के साथ हुई हिंसा ने यह भी दिखाया कि किस तरह से किसी के व्यक्तिगत गुस्से का शिकार दूसरे व्यक्ति को होना पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप ड्राइवर को शारीरिक और मानसिक नुकसान हो सकता है, और इसे पूरी तरह से गलत ठहराया जा सकता है। यही नहीं, महिला का यह व्यवहार न केवल कानून के खिलाफ था, बल्कि वह एक बुरी मिसाल भी पेश कर रही थी, जिससे यह संदेश मिलता है कि गुस्से के बावजूद हमें खुद पर नियंत्रण रखना चाहिए।
स्थिति को और बिगाड़ता है
हमें यह समझने की आवश्यकता है कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में हमें अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होती है। यदि फ्लाइट छूटने की वजह से महिला को गुस्सा आ रहा था, तो उसे शांति से स्थिति को संभालने की कोशिश करनी चाहिए थी। इस प्रकार की हिंसा से किसी भी समस्या का हल नहीं निकलता, बल्कि यह केवल स्थिति को और बिगाड़ता है।
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