प्रयागराज 27 जनवरी– प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के पावन अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। गृह मंत्री अमित शाह ने आज सुबह संगम में पवित्र डुबकी लगाई। उनके साथ कई साधु-संत और धार्मिक गुरू भी उपस्थित रहे। संगम पर मंत्रोच्चार और भव्य आरती के साथ यह स्नान संपन्न हुआ।
अब तक 13.21 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान–
महाकुंभ के दौरान अब तक 13.21 करोड़ श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं। कुंभ के प्रमुख शाही स्नान की तारीखों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। संगम नगरी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 25,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती शामिल है।
गृह मंत्री ने साधु-संतों से की चर्चा–
डुबकी लगाने के बाद गृह मंत्री शाह ने अखाड़ों के प्रमुख संतों और महंतों से भेंट की। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन को लेकर संतों से उनके सुझाव और आशीर्वाद प्राप्त किया। शाह ने सरकार द्वारा किए गए व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की और इसे सफल बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
भव्य आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम–
महाकुंभ में हर दिन धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस अद्भुत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महोत्सव का हिस्सा बन रहे हैं।
संगम पर विशेष व्यवस्था–
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संगम तट पर विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें स्वच्छता, पेयजल, परिवहन, और चिकित्सा सुविधाएं शामिल हैं। प्रशासन ने स्नान घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष दल भी तैनात किए हैं।
महाकुंभ का महत्व–
महाकुंभ हिंदू धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जो 12 वर्षों में एक बार होता है। यह आयोजन पवित्र नदियों के संगम पर होता है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन होता है। इसे मोक्ष प्राप्ति का अवसर माना जाता है।
महाकुंभ 2025 में आने वाले दिनों में और भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और महाकुंभ को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में सहयोग की अपील की है।