दिल्ली 2 फरवरी – अधिक नमक का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है, और इससे कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप, गुर्दे की समस्याएं और त्वचा से संबंधित दिक्कतें। इसी संदर्भ में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें यह सुझाव दिया गया है कि लोग अपनी खुराक में कम सोडियम वाले नमक का इस्तेमाल करें। यह गाइडलाइन भारतीयों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारतीय आहार में नमक का प्रयोग अधिक होता है, जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
WHO की गाइडलाइन के प्रमुख बिंदु:
कम सोडियम नमक का उपयोग: WHO ने कहा है कि लोगों को सोडियम की मात्रा कम करने के लिए कम सोडियम वाले नमक का सेवन करना चाहिए। इसके द्वारा लोग अपने शरीर में सोडियम का स्तर नियंत्रित रख सकते हैं, जो उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
दैनिक नमक की मात्रा: WHO के अनुसार, एक व्यक्ति को रोजाना 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, WHO का यह भी कहना है कि 1 ग्राम नमक में 400 मिलीग्राम सोडियम होता है, और इसलिए सोडियम की दैनिक खपत को 2 ग्राम तक सीमित रखना चाहिए।
स्वस्थ आहार के लिए अन्य उपाय: WHO ने यह भी सुझाव दिया कि लोग अपने आहार में फल, सब्जियां, और अनाज को अधिक शामिल करें, साथ ही ताजे और कच्चे खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें। प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और पैक्ड स्नैक्स में अक्सर सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
भारत में नमक की खपत: भारत में नमक का सेवन अन्य देशों की तुलना में अधिक होता है, और इसका असर देश में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं पर देखा जा सकता है। आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों की अधिकांश स्वास्थ्य समस्याओं में उच्च रक्तचाप और हृदय रोग शामिल हैं, और इन समस्याओं का एक प्रमुख कारण अत्यधिक नमक का सेवन है। WHO की गाइडलाइन के अनुसार, भारतीयों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे अपने आहार में कम सोडियम वाले नमक का चयन करें, ताकि इन समस्याओं से बचा जा सके।
नमक के स्वास्थ्य पर प्रभाव: अत्यधिक नमक का सेवन न केवल उच्च रक्तचाप का कारण बनता है, बल्कि यह शरीर में पानी की कमी, किडनी की बीमारी, और हड्डियों की कमजोरी जैसे स्वास्थ्य समस्याएं भी उत्पन्न कर सकता है। इसके अलावा, यह त्वचा से संबंधित समस्याओं को भी बढ़ा सकता है, जैसे की सूजन, एक्जिमा और अन्य एलर्जी।
उपसंहार: विश्व स्वास्थ्य संगठन की नई गाइडलाइन यह स्पष्ट करती है कि स्वस्थ जीवन के लिए नमक की खपत को नियंत्रित करना अत्यंत आवश्यक है। भारतीयों को खासतौर पर अपने आहार में कम सोडियम वाले नमक का उपयोग करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि दिल, रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके। यह कदम हमारे देश में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं पर नियंत्रण पाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।