पटना 12 फरवरी -राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राज्य आवास बोर्ड द्वारा पूर्व में अधिग्रहित भूमि को फ्री होल्ड करने के बाद आवंटियों के नाम से जमाबंदी कायम करने की व्यवस्था की है। इस संबंध में विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त और सभी समाहर्ताओं को पत्र लिखा है। पत्र में सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग,जय सिंह की अध्यक्षता में 4 फरवरी को आयोजित बैठक की कार्यवाही भी भेजी गई है।
आवास बोर्ड एवं सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हिस्सा लिया था। बैठक में लिए गए निर्णय कि मुताबिक अर्जित या अधिग्रहित भूमि का दाखिल-खारिज एवं जमांबंदी सृजन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा 20 मई 2024 को जारी वर्णित प्रावधानों के मुताबिक किया जाएगा। इसके अंतर्गत अर्जन से संबंधित दस्तावेजों जैसे- अधिघोषणा की प्रति, पंचाट की प्रति, बिहार राज्य आवास बोर्ड द्वारा संबंधित अंचल कार्यालय को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
अंचल कार्यालय को ऑनलाइन उपलब्ध कराया-
संबंधित अंचल कार्यालय द्वारा सर्वप्रथम बिहार राज्य आवास बोर्ड के नाम से जमाबंदी कायम की जाएगी। इसके लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड हेतु सृजित लॉगिन आईडी से इसे विभागीय वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in के माध्यम से दाखिल-खारिज हेतु आवेदन दिया जाएगा। पहले से अर्जित या अधिग्रहीत भूमि की जमाबंदी बिहार राज्य आवास बोर्ड के नाम से कायम हो जाने के पश्चात उक्त फ्री होल्ड भूमि का दाखिल-खारिज एवं जमाबंदी सृजन की कार्रवाई के लिए नियमानुसार रैयतों/आवंटियों द्वारा अपने स्तर से संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन दिया जा सकेगा।
राज्य की परियोजनाओं हेतु रैयती भूमि का अधिग्रहण–
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि आवास बोर्ड से अपनी जमीन को फ्री होल्ड करानेवाले जमीन मालिकों/रैयतों के लिए यह बड़ी राहत है। अब आवास बोर्ड से जमीन लेनेवाले लोग आसानी से अपने नाम से दाखिल-खारिज करा सकते हैं। विभाग के सचिव जय सिंह ने लिखे पत्र में सरकारी कार्य हेतु सरकार के विभिन्न स्तरों पर हस्तांतरित या बंदोबस्त सरकारी भूमि एवं अधिग्रहीत रैयती भूमि की जमाबंदी कायम करने की ऑनलाइन व्यवस्था की गई थी। भू-अर्जन के कई मामलों में पूर्व में अधिग्रहीत भूमि पर बाद के दिनों में रैयतों द्वारा दावा करने एवं सरकारी जमीन को संरक्षित करने के लिए यह व्यवस्था की गई थी।सरकारी भूमि का हस्तांतरण मुख्य रूप से 3 प्रकार से किया जाता है। राष्ट्रीय राजमार्गों एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए निःशुल्क आधार पर अंतर्विभागीय भूमि का हस्तांतरण। व्यक्ति विशेष को निःशुल्क बंदोबस्ती एवं केन्द्र एवं राज्य की परियोजनाओं हेतु रैयती भूमि का अधिग्रहण और सतत लीज.