मेवात नूंह 17 फरवरी।राजस्थान के साथ लगते हुए हरियाणा के मेवात नूंह जिला सोहना आईएमटी में किसानों ने औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों को बंद कर दिया है.
और हरियाणा की सरकार हाथ पैर हाथ देरे बैठी देख रही है जबकि वहां के उद्योगपति परेशान बताई जा रहे हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एक तरफ तो हरियाणा प्रदेश में पांच आईएमटी और विकसित करने की बात कर रहे हैं लेकिन मेवात के सोहना में आईएमटी की स्थापना हुई काफी वर्ष हो गए और उद्योगपतियों को उद्योग लगाने के लिए भूमि भी आलोट कर दी गई मगर हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास निगम एवं एचएसआईडीसी को किसान विकसित नहीं करने दे रहे औद्योगिक क्षेत्र को तो हरियाणा सरकार और पांच आईएमटी का विस्तार कैसे कर पाएगी अब तो उद्योगपति भी सरकार से आश छोड़ने लगे हैं। क्योंकि उद्योगपति मेवात में जाने से डरे हुए हैं जिसका कारण मेवात के किसान अपने बच्चों सहित सड़कों पर आ बैठते हैं और सरकारी एजेंसी और सरकार को उच्च औद्योगिक क्षेत्र में काम नहीं करने दे रहे हैं इसके बावजूद भी सरकार उद्योगपतियों को अंधेरे में रखकर और आईएमटी का विस्तार करने के लिए बात कर रही है। जबकि मेवात का आईएमटी क्षेत्र में उद्योगपति जहां डरे हुए हैं वहीं अब विकसित होने की याद छोड़ने लगे हैं।
किसानों ने सरकार के अधिकारियों को खदेड़ा।
मेवात में औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने के लिए जैसे ही सरकारी अधिकारी औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए आगे बढ़े तो वहां के किसानों ने अधिकारियों को कम करने से मना कर दिया और वहां भगा दिया जिस अधिकारी भी आप मेवात में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। औद्योगिक मंत्री भी किसानों के सामने छोटे पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं प्रशासनिक अधिकारी और औद्योगिक अधिकारी किसानों के सामने अब जाने से खतरा रहे क्योंकि मेवात का किसान सोहना औद्योगिक क्षेत्र में किसी को भी काम नहीं करने दे रहा है।
मेवात का जिला प्रशासन भी किसने की हुंकार से घबराए।
मेवात के जिला प्रशासन की बात की जाए तो मेवात का प्रशासन सोहना आईएमटी के किसानों के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा है जिसके चलते औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य भी रुके हुए हैं और अधिकारी एचएसआईडीसी के अधिकारियों का साथ देने की बजाय किसने की हक की बात कर रहा है जिसके चलते अब एचएसआईडीसी के अधिकारियों को भी मेवात जिला प्रशासन का सहयोग नहीं मिल पा रहा है यह भी एक बड़ी वजह है कि औद्योगिक क्षेत्र में काम बंद होने की।
किसान कई बार ललकार चुके हैं सरकार को।
मेवात के किसान जब-जब एचएसआईडीसी के अधिकारी औद्योगिक क्षेत्र का कार्य शुरू करना चाहते हैं और मौके पर पहुंचते हैं तो वहां के किसान सड़कों पर आ जाते हैं लाठी डंडों से लैस किसान अधिकारियों को डरने का काम कर रहे हैं और मेवात का प्रशासन अधिकारियों का सहयोग करने की बजाय किसने की तरफ दिखाई देता है मेवात के किसानों का कहना है जब तक सरकार उनके मुआवजे को नहीं बढ़ाएगी वह यहां पर काम नहीं करने देंगे चाहे किसानों को कुछ भी क्यों न करना पड़े लेकिन किस पीछे नहीं हटेंगे।
किसने की चेतावनी।
अगर अबकी बार एचएसआईडीसी के अधिकारी मेवात के सोहना आईएमटी औद्योगिक क्षेत्र में काम शुरू करने के लिए गए तो वहां पर खून खराबा होने की संभावना जताई जा रही है किसान भड़के हुए हैं सरकार को ललकार रहे हैं मगर सरकार का प्रशासनिक जब तक एक्शन दिखाई नहीं देगा औद्योगिक क्षेत्र में किसी भी सूरत में वहां के किस काम नहीं करने देंगे।
मेवात के किसानों को मिल रहा है किसानों के बड़े नेताओं का सहयोग।
मेवात के किसानों को उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बड़े किसानों का सहयोग मिल रहा है और उन्हीं के सहारे मेवात के किस सरकार को समय-समय पर ललकारते रहते हैं किसान जफर ने कहा हम किसी भी सूरत में जब तक हमारा मुआवजा सरकार बढ़कर नहीं देती है यहां पर काम नहीं करने देंगे हमारे छोटे बच्चों से लेकर सीनियर सिटीजन और बड़े युवाओं तक अपनी
भूमिका मुआवजा बढ़ाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय वरिष्ठ नेता आजाद सिंह ने कहा की मेवात के किसानों के साथ सरकार अत्याचार कर रही है किसानों के साथ किसी भी सूरत में अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा किसान यूनियन रवि आजाद उनके साथ खड़ा है उन्होंने कहा अगर सरकार की ओर से किसानों के साथ जबरदस्ती की गई तो सरकार तो उसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
अब देखना यह है की हरियाणा सरकार सोहना आईएमटी के विकास को लेकर क्या कदम उठाती है किसानों ने तो स्पष्ट तौर पर सरकार को चेतावनी दे दी है प्रशासनिक अधिकारियों को कह दिया है कि जब तक उनका मुआवजा नहीं बढ़कर मिलेगा काम नहीं होने दिया जाए।