प्रयागराज 20 फरवरी – सोशल मीडिया पर महिलाओं की निजता भंग करने वाले अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में संगम स्नान के दौरान महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो चोरी-छिपे बनाकर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करने या बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उत्तर प्रदेश पुलिस के डीआईजी वैभव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सिर्फ वीडियो और फोटो अपलोड करने वाले ही नहीं, बल्कि उन्हें खरीदने और देखने वालों के खिलाफ भी कठोर कदम उठाया जाएगा।
चिन्हित किए जा रहे टेलीग्राम चैनल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म
DIG वैभव कृष्ण ने बताया कि पुलिस ने कई टेलीग्राम चैनल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को चिन्हित करना शुरू कर दिया है, जहां इस तरह के आपत्तिजनक कंटेंट को अपलोड और बेचा जाता है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है और इस पर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। साइबर सेल और पुलिस टीमें लगातार ऐसे प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
महिलाओं की निजता का हनन अपराध
DIG ने कहा कि महिलाओं की निजता भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। भारतीय दंड संहिता (IPC) और आईटी एक्ट के तहत ऐसे मामलों में सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि अगर कोई भी व्यक्ति इस तरह की हरकत करता है या ऐसे कंटेंट को खरीदने, देखने या शेयर करने में शामिल पाया जाता है, तो वह भी कानूनी कार्रवाई से नहीं बच पाएगा।
DIG वैभव कृष्ण ने आम जनता से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया पर सतर्क रहें और इस तरह के किसी भी मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन लगातार इस मुद्दे पर काम कर रहा है और डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने की कोशिश करेगा, तो भी पुलिस साइबर तकनीक की मदद से उसे जल्द पकड़ लेगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया पर महिलाओं की निजता भंग करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है। पुलिस का यह संदेश स्पष्ट है कि चाहे कोई वीडियो अपलोड करे, बेचे या खरीदे, सभी पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। जनता को भी चाहिए कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके।