पटना/रांची 21 फरवरी – प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।
मान्यता है कि महाकुंभ में संगम स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं। लेकिन क्या हो जब एक बेटा अपनी बीमार..बुजुर्ग मां को घर में अकेला बंद कर अपने पाप धोने महाकुंभ चला जाए हो वो भी अपने सास-ससुर के साथ। जी हां कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है झारखंड के रामगढ़ से।
महिला खाने के लिए तड़प रही थी-
जहां एक कलयुगी बेटा अपनी बीमार बुजुर्ग मां को घर में बंद करके खुद सास-ससुर, अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर महाकुंभ चला गया। दरअसल, रामगढ़ के अरगड़ा में रहने वाले सीसीएल कर्मी ने अपनी 65 साल की वृद्ध मां संजू देवी को घर में बंद कर सास-ससुर, पत्नी और बच्चों कुंभ स्नान चला गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि संजू देवी ने दो दिन तो किसी तरह से काट लिये,लेकिन तीसरे दिन भूख के कारण उनकी हालत खराब हो गई। घर में दो दिनों से बंद महिला खाने के लिए तड़प रही थी। वृद्धा के अंदर से रोने, बिखलने और चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी पहुंचे।
बिखलने और चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी पहुंचे-
लेकिन घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगा था। पड़ोसियों ने बताया कि संजू देवी भूख के कारण घर में रखे प्लास्टिक को चबा रही थीं। उसके गले से आवाज भी नहीं निकल रही थी। उनके रोने की आवाज सुनकर पड़ोसी जुटे और पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों की उपस्थिति में घर का ताला तोड़ कर महिला को बाहर निकाला और भोजना-पानी उपलब्ध कराया। जिसके बाद महिला की बेटी भी पहुंच गई। बेटी को देखकर वह उसके गले से लिपट गई। पैर में जख्म होने के कारण बुजुर्ग ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। बाद में बेटी अपने साथ मां को कहुआबेड़ा गांव स्थित अपने ससुराल ले गई। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने बताया कि यह बेहद अमानवीय और शर्मनाक कृत्य है। परिजनों को किसी केयरटेकर के जिम्मे ही महिला को छोड़ कर जाना चाहिए था। शिकायत के आधार पर बेटे पर कार्रवाई की जाएगी।