ईडी की बड़ी कार्रवाई:
फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए
मुंबई, 24 फरवरी 2025 – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने मेसर्स जियोडेसिक लिमिटेड और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 11.07 करोड़ रुपये की संपत्तियां अनंतिम रूप से कुर्क की हैं। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
क्या है मामला?
निवेशकों को लुभावनी स्कीमों में निवेश करने के लिए उकसाया
जियोडेसिक लिमिटेड पर आरोप है कि उसने फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए और अवैध रूप से धन का हस्तांतरण किया। कंपनी और उससे जुड़े अन्य लोगों ने निवेशकों को लुभावनी स्कीमों में निवेश करने के लिए उकसाया और धन का दुरुपयोग किया।
इस मामले में ईडी ने गहन जांच के बाद 20 फरवरी 2025 को कार्रवाई करते हुए 11.07 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है।
किन संपत्तियों पर की गई कुर्की?
ईडी ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में स्थित विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों की संपत्तियों को कुर्क किया है, जिनमें शामिल हैं:
- बैंक एफडी (Fixed Deposits)
- आवासीय फ्लैट
- वाणिज्यिक संपत्तियां
- कृषि भूमि
इन संपत्तियों को अवैध रूप से अर्जित धन के माध्यम से खरीदा गया था, जिसे अब ईडी ने कुर्क कर लिया है।
ईडी की जांच और आगे की कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में आगे की जांच कर रहा है। संभावना है कि अन्य संपत्तियों को भी कुर्क या जब्त किया जा सकता है। इसके अलावा, ईडी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में अंतरराष्ट्रीय धन शोधन (Money Laundering) या हवाला नेटवर्क का कोई कनेक्शन है।
कंपनी के अधिकारियों पर बढ़ सकती है कानूनी कार्रवाई
ईडी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद जियोडेसिक लिमिटेड से जुड़े अधिकारियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाने की तैयारी की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों को भारी जुर्माने और लंबी जेल की सजा हो सकती है।
मनी लॉन्ड्रिंग पर सख्त नजर
ईडी ने इस कार्रवाई के जरिए एक कड़ा संदेश दिया है कि अवैध वित्तीय गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। एजेंसी अब अन्य कंपनियों और व्यक्तियों के वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, जिससे इस मामले से जुड़े अन्य दोषियों को भी पकड़ने की तैयारी की जा रही है।
👉 जांच एजेंसियों का कहना है कि यदि किसी निवेशक ने जियोडेसिक लिमिटेड में निवेश किया है और उसे वित्तीय नुकसान हुआ है, तो वह अपनी शिकायत संबंधित अधिकारियों के पास दर्ज करा सकता है।