नई दिल्ली, 7 मार्च – हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर व्यक्ति को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है, ताकि प्रदेश के सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
राज्यपाल ने विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी दिशा में सिरसा में संत सरसाई नाथ मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन सफलतापूर्वक किया गया है। वर्तमान में राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, और 11 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम योजनाएं
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि करनाल जिले के कुटैल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का कार्य पूरा हो चुका है, और इसे शीघ्र शुरू करने की उम्मीद है।
इसके अलावा, ई.एस.आई.सी. मेडिकल कॉलेज और अस्पताल फरीदाबाद में 625 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अतिरिक्त 500 बैड के अस्पताल का नया भवन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को शिलान्यास किया गया। इस अस्पताल के निर्माण से प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं का और अधिक विस्तार होगा।
राज्यपाल ने कहा कि अम्बाला छावनी में 9 मई, 2022 से अटल कैंसर देखभाल केंद्र की शुरुआत की गई है, जो प्रदेश का पहला सरकारी कैंसर चिकित्सा केंद्र है। इसमें अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, और यह केंद्र प्रतिवर्ष लगभग 20,000 मरीजों का इलाज कर रहा है।
आयुष क्षेत्र में प्रगति
राज्यपाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र में देश का पहला श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय 2017 में स्थापित किया गया था, जिसमें आयुर्वेद में एम.डी. करने वाले 53 चिकित्सक अब तक प्रशिक्षित हो चुके हैं। इसके अलावा, पंचकूला में 270.54 करोड़ रुपये की लागत से 250 बैड वाले राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना की जा रही है। इस संस्थान में 100 बैड आयुर्वेदिक चिकित्सा और 150 बैड प्राकृतिक चिकित्सा के लिए आरक्षित हैं। ओपीडी सेवाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।
चिरायु आयुष्मान भारत योजना
राज्यपाल ने ‘चिरायु आयुष्मान भारत योजना’ के तहत सरकार द्वारा किए गए स्वास्थ्य सेवा के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के सभी नागरिकों को 1,80,000 रुपये तक की वार्षिक आय पर सालाना 5 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 1,80,000 रुपये से 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को इस योजना का लाभ 1,500 रुपये के वार्षिक अंशदान पर मिल रहा है। अब तक इस योजना के तहत 18.80 लाख दावों के लिए 2494 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं
राज्यपाल ने कहा कि 28 अक्टूबर 2024 से 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए 5 लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार शुरू किया गया है। अब तक 8043 बुजुर्गों को 16 करोड़ रुपये का निशुल्क उपचार प्राप्त हुआ है।
किडनी रोगियों के लिए मुफ्त डायलिसिस
इसके अतिरिक्त, राज्यपाल ने बताया कि 18 अक्टूबर 2024 से राज्य के सभी किडनी रोगियों को मुफ्त डायलिसिस सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यह सुविधा राज्य के 20 जिला अस्पतालों और करनाल, नूंह, रोहतक तथा अग्रोहा मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध है।
राज्यपाल ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए विभिन्न प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की मुख्य प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए कार्य कर रही है, ताकि हर व्यक्ति तक सुलभ और प्रभावी चिकित्सा सुविधाएं पहुंच सकें।