
नायब सैनी के मुख्यमंत्री बनने के एक साल पूरा होने पर विशेष:
एक साल में नायब ने बना दिया नायाब हरियाणा
सरकार की सदभाव-समभाव की सोच से प्रदेश में हो रहे नायाब काम जातिगत राजनीति का मिथक भी टूट रहा, स्थापित हो रहे नए आयाम
भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रीय विचारधारा और सामाजिक मूल्यों को महत्व देने वाली पार्टी है। हरियाणा प्रदेश में लगातार 10 साल तक मनोहर शासन देने के बाद राजनीतिक इतिहास को बदलते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करके भाजपा ने नायाब काम किया है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सबका साथ- सबका विकास की सोच को आगे बढ़ाते हुए जो जिम्मेदारी मनोहरलाल ने बखूबी निभाई। इसके बाद वर्ष 2024 में आज ही के दिन 12 मार्च को हरियाणा की राजनीति में केंद्रीय नेतृत्व ने एक बड़ा बदलाव करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल को केंद्र में बड़ा दायित्व देने के निर्णय के साथ ही हरियाणा में नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया था।
जिसके बाद नायब सैनी ने अपने मिलनसार और हंसमुख व्यवहार तथा केंद्रीय नेतृत्व के सहयोग से वह करके दिखा दिया, जिसकी उम्मीद के साथ उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया था। तमाम तरह के समीकरणों को नकारते हुए अक्तुबर माह में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा ने लगातार तीसरी बार हरियाणा की सत्ता हासिल कर ली। मार्च 2024 में भाजपा ने जिस तरह अचानक से मुख्यमंत्री चेहरे में बदलाव किया, तो एकबारगी राजनैतिक गलियारों में तमाम तरह की अटकलें भी गच्चा खा गईं। उसे महज राजनीतिक घटनाक्रम ही नहीं माना जा सकता है। असल में इसके पीछे की कहानी सुझ-बुझ से गढ़ी गई है। इसमें पर्दे के पीछे की कहानी काफी मनोहर है जिसमें नायक की जिम्मेदारी मिली नायब सैनी को।
भारतीय जनता पार्टी सभी वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने का काम करती है। सामाजिक समरसता के भाव से से देश में नरेन्द्र मोदी के आदर्शों पर चलते हुए हरियाणा की भाजपा सरकार ने पहले मनोहरलाल और अब नायब सिंह के नेतृत्व में हरियाणा प्रदेश में 2014 से चल रही सरकार ने अनेकों कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उससे पहले तक हरियाणा राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने की कोई कल्पना भी नहीं कर रहा था। तमाम विरोधी दल भाजपा पर धर्म एवं जाति की राजनीति करने के आरोप भी लगाते हैं। लेकिन राजनीति की समझ रखने वाले कहते हैं कि भाजपा जाति की राजनीति का मिथक तोड़ती है।
इसका स्टीक उदाहरण 2014 में मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बना कर दिया गया जिसके परिणाम सुखद रहे और सरकार द्वारा बखूबी जनहित के फैसले लागू किए गए। मार्च 2024 का वो दिन नायब सिंह सैनी के कर्तव्य निर्वहन भाव को देख भाजपा ने उनको प्रदेश के मुखिया की कमान सौंप दी। नायब सिंह को अगले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री चेहरा घोषित होने से पार्टी को हरियाणा के समाज ने भी सिर आंखों पर बिठा लिया। मोदी मनोहर रणनीति के कारण राजनैतिक गलियारों के तमाम समीकरणों को ध्वस्त करते हुए नायब सिंह के नेतृत्व में मोदी के निर्देशों को आत्मसात कर भाजपा ने सरकार बना ली। विपक्षी दलों ने आरोप लगाए कि नायब सिंह ने जो वायदे चुनाव में किए हैं, उन्हें वह पूरा नहीं कर पाएंगे, क्योंकि वह स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले पा रहे हैं, लेकिन नायब सैनी ने शपथ लेते ही अपने फैसलों से जो धमाके किए उनसे तमाम राजनैतिक धुरंधर सुन्न रह गए। नायब जनता के साथ-साथ केंद्रीय नेतृत्व की उम्मीदों पर भी खरे उतरे।
भाजपा ने एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे नायब सिंह सैनी को प्रदेश के मुख्यमंत्री की कमान सौंप कर जाति की राजनीति के प्रपंच को ही तौड़ दिया। दरअसल मनोहर लाल ने राजनीति के सकारात्मक पहलु को खूब बढ़ाने का काम किया था। बिना पर्ची- खर्ची के नौकरी देकर पारदर्शी व्यवस्था को कायम किया। भाई-भतीजावाद, क्षेत्रवाद, जातिवाद जैसे मुद्दों पर भी करारी चोट देने का काम किया। हरियाणा की राजनीति के सबसे बड़े रणनीतिकार के रूप में खुद को स्थापित कर चुके मनोहर लाल प्रदेश में नायाब बदलाव के नायक रहे तथा आगे के लिए प्रदेश के मुखिया की जिम्मेदारी अपने शिष्य नायब सिंह को देकर उदाहरण पेश किया। नायब सिंह ने भी मोदी की मनोहर नीतियों का अनुसरण करके दूसरी बार अक्तूबर 2024 में मुख्यमंत्री की शपथ ली।
12 मार्च को नायाब सिंह को बतौर मुख्यमंत्री एक साल होने जा रहा है।
किसान – मजदूर के लिए नायाब फैसला
किसान परिवार में जन्में नायब सिंह का परिवार सीमांत किसान की श्रेणी में आता है। प्रदेश के अधिकतर किसान लघू एवं सीमांत किसानों की श्रेणी में ही आते हैं। खेती का काम खुद कर चुके नायब सिंह असल में खेती किसानी को बारिकी से समझते हैं। राजनीति में ऐसे कुछ नेता जिनकी कई पुश्तें खेती छोड़ चुकी हैं, वह किसान होने का दंभ तो भरते रहे ताकि किसानों-मजदूरों के वोट हथिया सकें परन्तु किसान हित में फैसले लेने में उनके हाथ कांपते रहे। हरियाणा की मनोहर सरकार ने पहले ही देश भर में सर्वाधिक 14 फसलों पर एमएसपी दे रही थी। नायब सैनी ने भी ऐतिहासिक फैसला करते हुए प्रदेश में होने वाली तमाम 24 फसलों पर एमएसपी देने का फैसला करके तथाकथित किसान नेताओं के पैरों तले से राजनैतिक जमीन खिसकाने का काम कर दिया। इतना ही नहीं देश में यह फैसला करने वाला हरियाणा पहला राज्य बना और यह साहसिक फैसला करने का काम नायब सिंह ने किया। जिसका सीधा फायदा किसान और मजदूर को होना तय है।
ट्रेंडिंग में म्हारा सीएम
मार्च 2024 से मार्च 2025 के आगमन तक राजनीति में देश भर में सर्वाधिक ट्रेंडिग में अगर कोई रहा है तो वह नायब सैनी रहे हैं। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान होते ही उनका हरियाणवी अंदाज, हंसी-मखौल और उनके ब्यान सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ट्रेंड कर रहे हैं। उनके इस अंदाज की खुब प्रशंसा हो रही है।
प्रथम बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होनें कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे स्वागत के दौरान कहा कि, “किसी को कोई चितां करने की जरूरत नहीं, किसी को कोई बात हो तो रात के दो बजे भी मुख्यमंत्री निवास आ जाना”। यह छोटी सी क्लिप खूब वायरल हुई। इसी प्रकार एक कार्यक्रम से लौटते हुए जब उनसे पुछा गया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कैसा लग रहा है तो “उन्होनें कहा कि पूरी फिलिंग आ री है”। उनकी यह छोटी सी क्लिप इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और लाखों लोगों ने यह देखी। सबसे खास बात यह रही कि उनके इस अंदाज की गली-मौहल्लों तक चर्चा हुई। असल में आम-जनता को उनका यह हंसमुख व्यवहार प्रभावित कर रहा है। कैथल के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होने कहा, “कि मैं सीएम हाउस में आपके लिए मंजे(खाट) बिछवा दूंगा”।
राजनीतिक सफर
नायब सैनी का जन्म 25 जनवरी 1970 को अंबाला के पास मिर्जापुर माजरा के एक गांव में सैनी परिवार में हुआ था। उनके पूर्वज मूल रूप से कुरुक्षेत्र के मंगोली जट्टान गांव के रहने वाले थे। उनका परिवार काफी वक्त पहले अंबाला जिले के मिर्जापुर गांव में आकर बस गया था। सैनी ने अंबाला में बीजेपी जॉइन की थी और वे अंबाला में बीजेपी ऑफिस में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम कर चुके हैं। फिर वे हरियाणा भाजपा के किसान मोर्चा के महासचिव भी बने। इसके अलावा उन्होंने अंबाला बीजेपी की युवा शाखा में सक्रिय सदस्य के तौर पर काम किया और अच्छे काम के चलते वे मनोहर लाल खट्टर की नज़रों में आ गए। सैनी ने अंबाला में गायों को बचाने के लिए काफी काम किया है।
नायब सिंह सैनी ने 2009 में अंबाला जिले के नारायणगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा लेकिन रामकिशन गुर्जर से हार गए। लेकिन फिर भी एक मिलनसार व्यक्ति के रूप में उनकी पहचान बन गई। 2014 में सैनी ने भाजपा उम्मीदवार के रूप में नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और 24,361 वोटों से विजयी हुए। इसके बाद वह हरियाणा सरकार में राज्य मंत्री भी रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कुरूक्षेत्र से सांसद के तौर पर चुना गया। साल 2023 में उन्हें भाजपा की हरियाणा इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 12 मार्च 2024 को बीजेपी ने लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा फैसला लेते हुए नायब सिंह सैनी को हरियाणा का नया मुख्यमंत्री बना दिया। इसके बाद नायब सिंह सैनी ने करनाल से विधानसभा उपचुनाव भी लड़ा और जीत हासिल की। अक्तूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में वह लाडवा से चुनाव लड़े और अच्छे मार्जिन से विजयी हुए।
हरियाणा के 57 साल के इतिहास में कोई पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार नहीं बना पाई है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने यह कारनाम कर दिखाया। नायब सैनी जनता की उम्मीदों पर खरा उतर सके इसके लिए उन्होने सीएम हाउस के दरवाजे लोगों के लिए खोल दिए। वो दिन रात लोगों की सेवा में लगे रहते है और दिन-रात लोगों से मुलाकात भी करते हैं। उन्होने हरियाणा ही नहीं, बल्कि देश में भी अपनी एक अलग पहचान बना ली है। दिल्ली चुनाव में स्टार प्रचारक बनकर जिस तरफ से कमान संभाली और आप सरकार को आईना दिखाया, उससे साफ हो गया है कि नायब धीरे-धीरे हर जगह अपनी अलग छाप छोड़ रहे हैं। उसी का नतीजा है कि विरोधी भी अब जमकर उनकी तारीफ कर रहे है।