
छात्रों को एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण परीक्षा वातावरण मिले।
लखनऊ, 13 मार्च – उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने नकल माफिया और अराजक तत्वों पर नकेल कसने का कार्य किया है, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या नकल की घटनाओं से बचा जा सके।
संदिग्ध गतिविधियों वाले परीक्षा केंद्रों पर कार्रवाई
परीक्षाओं के दौरान संदिग्ध गतिविधियों वाले केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई। ऐसे परीक्षा केंद्रों को नोटिस जारी किए गए, ताकि वहां किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी को रोका जा सके। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए हैं कि परीक्षाओं में शुचिता बनी रहे और कोई भी छात्र अनुशासनहीनता या नकल में संलिप्त न हो।
उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा
सरकार ने उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा को और सख्त करने के लिए कई नए उपाय लागू किए हैं। इसमें QR कोड, सिलाईयुक्त उत्तर पुस्तिकाएं और खास सुरक्षा फीचर्स का उपयोग किया गया है, जिससे उत्तर पुस्तिकाओं की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इन कदमों के जरिए नकल करने के प्रयासों को विफल किया जाएगा और उत्तर पुस्तिकाओं का सही तरीके से मूल्यांकन किया जाएगा।
विशेष टीमों का गठन
अफवाहों और नकल पर काबू पाने के लिए सरकार ने विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी और किसी भी अनियमितता की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगी। इसके अलावा, इन टीमों का उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और नकल माफिया द्वारा फैलाए जाने वाली अफवाहों को रोकना है।
नकल माफिया और अराजक तत्वों के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी
यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण उपायों में से एक है। नकल माफिया और अराजक तत्वों के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी कि परीक्षाएं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएं और छात्रों को एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण परीक्षा वातावरण मिले। इसके जरिए राज्य सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वे अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर परीक्षा परिणाम प्राप्त कर सकें।