गुरुग्राम, 18 मार्च 2025 –
वर्ष 2016 में हुई मारपीट और डकैती की एक घटना में बावरिया गैंग के 8 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। गुरुग्राम की अदालत ने इन आरोपियों को 10 वर्ष की कठोर कारावास (कैद) और जुर्माने की सजा सुनाई है।
घटना का विवरण:
यह मामला 11 अगस्त 2016 का है, जब एक व्यक्ति ने थाना मानेसर, गुरुग्राम में शिकायत दर्ज कराई कि 10 और 11 अगस्त की रात को कुछ व्यक्तियों ने उनके घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही उन व्यक्तियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बाद में पीड़ित व्यक्ति ने दरवाजा बंद कर लिया और आरोपी वहां से भाग गए।
इसके बाद, पुलिस ने जांच में पाया कि इस दौरान बावरिया गैंग के आरोपियों ने गांव सहरावन में भी एक परिवार के साथ मारपीट कर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी पकड़े गए, और शस्त्र अधिनियम से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई।
आरोपी की पहचान:
गुरुग्राम पुलिस ने मामले की गहन जांच करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- जय भगवान (निवासी छुछकवास, जिला झज्जर, हरियाणा)
- राजबीर उर्फ नाहर सिंह (निवासी शिव कॉलोनी, जिला झज्जर, हरियाणा)
- राका उर्फ जितेंद्र उर्फ धर्मवीर (निवासी गसिंगपुर, जिला फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश)
- नरेश उर्फ संदीप (निवासी गसिंगपुर, जिला फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश)
- लंबू उर्फ तुली उर्फ विनय (निवासी गांव कबूलपुर, जिला फरीदाबाद, हरियाणा, हाल निवासी गांव गोकलगढ़, जिला रेवाड़ी, हरियाणा)
- मुन्ना उर्फ लक्की उर्फ आयन (निवासी दास गार्डन, बापड़ोला, नजफगढ़, दिल्ली)
- हेमंत उर्फ धर्म (निवासी गांव बापड़ोला, नजफगढ़, दिल्ली)
- सुनील उर्फ सागर (निवासी गांव बांपोई, आजाद नगर, जिला फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश)
पुलिस द्वारा की गई जांच:
गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य और गवाह एकत्र किए, और इसके आधार पर चार्जशीट दाखिल की।
माननीय अदालत का निर्णय:
18 मार्च 2025 को गुरुग्राम के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री पुनीत सहगल ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ दिए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपियों को धारा 458 IPC (घर में घुसकर मारपीट), 398 IPC (डकैती के इरादे से हमला), 395 IPC (डकैती), और 397 IPC (घातक हथियार के साथ डकैती) के तहत 10 वर्षों की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक आरोपी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
इस मामले में दोषी करार पाए गए आरोपियों के खिलाफ सजा का यह निर्णय गुरुग्राम पुलिस की तत्परता और सटीक जांच का परिणाम है, जो इस प्रकार के अपराधों के खिलाफ दृढ़ संकल्प और संघर्ष को प्रदर्शित करता है।