
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव डी. सुरेश की अध्यक्षता में आयोजित थी बैठक, आईटी/आईटीईएस और इलेक्ट्रॉनिक्स खिलौना क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधियों की रही महत्वपूर्ण भागीदारी
गुरुग्राम, 22 मार्च।
हरियाणा सरकार ने राज्य में निवेशक अनुकूल कारोबारी माहौल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुग्राम में उद्योग और वाणिज्य विभाग द्वारा ड्राफ्ट आईटी/आईटीईएस नीति 2025 और ड्राफ्ट इलेक्ट्रॉनिक्स खिलौना विनिर्माण नीति 2025 पर एक हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया। यह बैठक उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई, जो राज्य के विकास में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक की अध्यक्षता उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव डी. सुरेश ने की। इस बैठक में एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक सुशील सारवान, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी नितिन बंसल, और उपनिदेशक बृजपाल भी उपस्थित रहे। यह बैठक गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित की गई।
डी. सुरेश ने अपने संबोधन में देश के आर्थिक परिवर्तन में उद्योगों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य को आईटी/आईटीईएस और इलेक्ट्रॉनिक खिलौना क्षेत्र के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने का सरकार का दृष्टिकोण है। इसके लिए राज्य में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उच्च क्षमता वाली प्रतिभाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार उद्योग की समस्याओं को हल करने और बेहतर कारोबारी वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में नितिन बंसल ने उद्योग-संचालित नीति पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की पहलों को साझा किया, जो राज्य के वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और समृद्ध कारोबारी माहौल को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला।
बैठक के दौरान, विभिन्न हितधारकों ने ड्राफ्ट नीतियों के प्रमुख पहलुओं पर विचार विमर्श किया। उन्होंने अपनी प्रमुख उद्योग प्राथमिकताओं, बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं और अपने क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी नियामक समर्थन पर सुझाव दिए। हितधारकों ने हरियाणा सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व और सक्रिय पहल की सराहना की और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई कि नीतियां उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार की जाएं।
बैठक में प्रमुख उद्योग नेताओं और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें सिस्को, ओरेकल, एरिक्सन, पालो ऑल्टो, ऑटोडेस्क जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसके साथ ही नैसकॉम, आईईएसए, इन्वेस्ट इंडिया और टॉयज एसोसिएशन ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख उद्योग संघों के सदस्य भी उपस्थित थे।
समाप्ति के दौरान, हितधारकों ने यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की कि इन क्षेत्रों में नए बदलाव और सुधारों के साथ, हरियाणा राज्य को एक निवेशक मित्र राज्य के रूप में और अधिक प्रगति की ओर अग्रसर किया जा सके।