
लगभग पांच साल की लंबी जांच के बाद सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट
मुंबई, 23 मार्च:
फिल्म स्टार सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट मुंबई हाई कोर्ट में दाखिल की है, जिसमें रिया चक्रवर्ती को क्लीन चिट मिलती दिखाई दे रही है। इस रिपोर्ट के बाद रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मांन शिंदे ने इसे सत्य की जीत बताया और कहा कि रिया को सुशांत राजपूत केस में झूठे आरोपों में फंसाया गया था।
रिया के खिलाफ ऐसा कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला
रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मांन शिंदे ने जानकारी दी कि लगभग पांच साल की लंबी जांच के बाद सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें रिया के खिलाफ ऐसा कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि रिया ने सुशांत को आत्महत्या करने के लिए उकसाया था।
उन्होंने कहा, “यह सत्य की जीत है और रिया चक्रवर्ती को इस मामले में झूठे आरोपों में फंसाया गया।” शिंदे ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों ने पांच साल तक इस मामले की जांच की, लेकिन रिया के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं पाए गए हैं।
देर जरूर हुई है, लेकिन सच सामने आया है।”
रिया चक्रवर्ती के वकील ने इस बारे में विशेष बातचीत में कहा, “सीबीआई की तरफ से क्लीन चिट मिलने पर यह स्पष्ट हो गया है कि देर जरूर हुई है, लेकिन सच सामने आया है।” उन्होंने आगे कहा, “देश की अदालतों पर जनता का विश्वास बनाए रखना चाहिए। अदालतों से ऐसे फैसले आए हैं जो चौंकाने वाले भी रहे हैं, और कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। संघर्ष करना चाहिए और आज रिया चक्रवर्ती के केस में इसका परिणाम साफ दिखाई दे रहा है।”
उस समय रिया चक्रवर्ती पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे
सुशांत सिंह राजपूत की मौत 2020 में हुई थी, और उस समय रिया चक्रवर्ती पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसमें उन्हें सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने और ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप था। हालांकि, अब सीबीआई की रिपोर्ट में रिया के खिलाफ किसी भी तरह का आरोप साबित नहीं हो सका, और उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिल गई है।
रिया चक्रवर्ती के खिलाफ आरोपों और जांच की लंबी प्रक्रिया के बाद यह फैसला आने से उनके समर्थकों में राहत की लहर है। अब यह मामला खत्म होने की ओर बढ़ रहा है, और रिया को इस कठिन समय के बाद न्याय मिलते हुए दिखाई दे रहा है।