
हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन विधेयक 2025 सदन में सर्वसम्मति से पारित
चंडीगढ़, 26 मार्च – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बयान देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने गैर कानूनी तरीके से युवाओं को विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। अब तक राज्य में 127 मामले दर्ज किए गए हैं और 102 एजेंटों के खिलाफ एक्शन लिया गया है, जिनमें आठ ट्रैवल एजेंटों को गिरफ्तार भी किया गया है।
यह विधेयक ट्रैवल एजेंटों की पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और उनकी अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए
मुख्यमंत्री ने यह बयान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान लाए गए “हरियाणा ट्रैवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन विधेयक 2025” पर चर्चा करते हुए दिया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक ट्रैवल एजेंटों की पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और उनकी अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए लाया गया है ताकि युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर उनका शोषण न हो सके।
अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस विधेयक के तहत विदेश भेजने के प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, ट्रैवल एजेंटों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने और उनके द्वारा की जा रही अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार की मंशा यह है कि युवाओं को गलत तरीके से विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने सदन को जानकारी दी कि यह विधेयक पहले भी लाया गया था, लेकिन कुछ नए कानून आने के कारण कुछ धाराओं में बदलाव किया गया है। अब एक बार फिर इसे विधानसभा में लाया गया है ताकि इस विधेयक में कड़े प्रावधानों के जरिए युवाओं को शोषण से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि विदेश जाने के लिए कई बार युवाओं ने अपनी संपत्ति तक बेच दी थी और उन्हें असुरक्षित तरीके से विदेश भेजा जाता था। यह विधेयक इस प्रकार की गैर कानूनी प्रथाओं को रोकने में सहायक होगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि विधेयक में मानव तस्करी से जुड़े प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति मानव तस्करी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे 7 से 10 वर्ष तक की कारावास की सजा दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने एक विदेशी सहयोग विभाग का गठन किया है, जो युवाओं को व्यापार, नौकरी या शिक्षा के लिए विदेश भेजने का कार्य करेगा। इस विभाग का उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित तरीके से विदेश भेजना और ट्रैवल एजेंटों के पंजीकरण की प्रक्रिया को नियंत्रित करना है, ताकि सरकार के पास सही जानकारी उपलब्ध हो सके। अंत में, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे 23,000 भारतीय युवाओं को सुरक्षित भारत लौटने में मदद की।