
भारतीय सिनेमा में विशेष रूप से देशभक्ति फिल्मों के लिए जाना जाता था
मुंबई, 4 अप्रैल
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और फिल्मकार मनोज कुमार का शुक्रवार सुबह मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे। मनोज कुमार को भारतीय सिनेमा में विशेष रूप से देशभक्ति फिल्मों के लिए जाना जाता था, और उन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से भी पहचाना जाता था। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
मनोज कुमार का फिल्मी करियर कई दशकों तक शानदार रहा। उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए भारतीय भावना, राष्ट्रीय गर्व और सामाजिक मूल्यों को पर्दे पर जीवित किया। वे अपने समय के सबसे प्रभावशाली अभिनेता रहे, जिनकी फिल्में भारतीय समाज के हर वर्ग को प्रभावित करती थीं। उनके द्वारा निर्देशित और अभिनीत कई फिल्में आज भी याद की जाती हैं।
उनकी कुछ प्रमुख फिल्में ‘उपकार’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘रोटी कपड़ा और मकान’ और ‘क्रांति’ थीं, जिन्होंने समाज के विभिन्न पहलुओं को छुआ और भारतीय दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। मनोज कुमार की फिल्मों में देशप्रेम, सामाजिक आदर्श और व्यक्तिगत संघर्ष की कहानियां प्रमुख रूप से देखने को मिलती थीं। उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से लोगों में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक जागरूकता को जगाया।
मनोज कुमार की फिल्म ‘उपकार’ को विशेष रूप से याद किया जाता है, जो 1967 में रिलीज़ हुई थी। यह फिल्म भारत के ग्रामीण जीवन और सामाजिक मुद्दों पर आधारित थी। ‘उपकार’ को 1968 में फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया था, जिसमें उन्हें सर्वश्रेष्ठ फिल्म, निर्देशक, कहानी, और संवाद के लिए पुरस्कार मिले थे।
मनोज कुमार के खाते में कुल 7 फिल्मफेयर पुरस्कार हैं, जो उनके अभिनय और निर्देशन के प्रति उनकी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है, और उनकी फिल्मों में दिए गए संदेश आज भी प्रासंगिक हैं।
मनोज कुमार की फिल्मों में देशभक्ति का गहरा प्रभाव था। उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से भारतीय समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। उनके फिल्मी करियर की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने मनोरंजन के साथ-साथ समाज को बेहतर बनाने के लिए फिल्मों का उपयोग किया। उनकी फिल्मों में हमेशा एक सकारात्मक संदेश होता था, जो समाज के हर वर्ग को जोड़ता था।
मनोज कुमार के निधन से भारतीय सिनेमा को एक बड़ी क्षति हुई है। वे न केवल एक शानदार अभिनेता और फिल्मकार थे, बल्कि उन्होंने सिनेमा के माध्यम से भारतीयता और राष्ट्रप्रेम का परचम लहराया। उनकी फिल्मों के संवाद और उनके द्वारा किए गए अभिनय आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित हैं।
मनोज कुमार के निधन पर फिल्म इंडस्ट्री, उनके प्रशंसकों और पूरे देश में शोक की लहर है। उनका योगदान सिनेमा और समाज दोनों के लिए अनमोल रहेगा, और वे हमेशा ‘भारत कुमार’ के रूप में याद किए जाएंगे।