
ज्योतिष के मुताबिक अतिगंड योग में अति का अर्थ है बहुत और गंड का अर्थ है
अर्थात-: श्वेतांबर धारण की हुई, श्वेत बैल पर सवार, शुद्ध महागौरी, महादेव को प्रसन्न करने वाली हमें शुभता प्रदान करिये
🕉 जय माता की 🙏🙏
सभी को अष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें 🌹⚘️🥀🙏
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थितिII
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
🌕सूर्य उत्तरायण, ऋतु-: वसंत
सूर्य उदय : प्रातः 6/13
सूर्य अस्त : सायं 6/36
📺 चैत्र मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 5/4/2025
दिन-: शनिवार
🌕 चंद्रमा-: मिथुन राशि में रात्रि 11/25 तक उसके बाद कर्क राशि में
🥳राशि स्वामी-: बुद्ध/चंद्र
🌱 आज का नक्षत्र -: पुनर्वसु
💓 नक्षत्र स्वामी – : गुरु
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
प्रात: 5/21 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में
11/22 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 2 में
सायं 5/24 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में
रात्रि 11/25 से पुनर्वसु नक्षत्र चरण 4 में
🔥 योग -: रात्रि 8/03 तक अतिगंड -: ज्योतिष के मुताबिक अतिगंड योग में अति का अर्थ है बहुत और गंड का अर्थ है कष्ट या कठिनाई। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयां, बाधाएं और संकट बढ़ सकते हैं।
उसके बाद सुकर्मा -: सुकर्मा योग को शुभ माना जाता है, और इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं, खासकर नए कार्य शुरू करने के लिए.
आज के मुख्य पर्व
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🪴 श्री दुर्गा अष्टमी, भवान्युतपत्ति, अशोक कालिका प्राशन (अशोक वृक्ष की पूजा की जाती है और भगवान शिव की पूजा की जाती है), अन्नपूर्णा पूजन, मेला बाहुफोर्ट (जम्मू), कांगड़ा देवी- नैना देवी पूजन
♻️आज की शुभ दिशा -: पश्चिम,दक्षिण,दक्षिण-पश्चिम
♻️ दिशा शूल -: पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर अदरक या उड़द खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
🌷सूर्य -: मीन राशि से रेवती नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध)
🛑मंगल -: मिथुन राशि पुनर्वसु नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🌱 बुद्ध (वक्री)उदय -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌕गुरु -: वृष राशि रोहिणी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
💃 शुक्र (वक्री) -: मीन राशि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌊 शनि -: मीन राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी गुरू)
🎥 राहु-: मीन राशि पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛐केतु-: कन्या राशि उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
🤬राहु काल -: प्रात: 9/30 से दोपहर 11/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी -:
प्रात: 6/34 तक मीन
8/10 तक मेष
10/05 तक वृष
दोपहर 12/20 तक मिथुन
2/39 तक कर्क
सायं 4/57 तक सिंह
7/14 तक कन्या
रात्रि 9/33 तक तुला
11/52 तक वृश्चिक
1/56 तक धनु