
हरियाणा प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर, आए दिन पकड़े जा रहे हैं भ्रष्टाचारी
चंडीगढ़, 5 अप्रैल 2025
हरियाणा प्रदेश में भ्रष्टाचार का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, और आए दिन प्रदेश के विभिन्न विभागों में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किया जा रहा है। प्रदेश के पुलिस और राजस्व विभाग में सबसे अधिक भ्रष्टाचार पाया जा रहा है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम प्रतिदिन लगभग 4 से 5 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ रही है।
भ्रष्टाचार का बढ़ता हुआ असर:
हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार, तहसीलदार, और रजिस्ट्री क्लर्कों द्वारा सबसे अधिक भ्रष्टाचार किया जा रहा है। औसतन, एक महीने में 70 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। ये अधिकारी और कर्मचारी अब प्रदेश के विभिन्न जेलों में बंद हैं।
पुलिस विभाग और तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार:
पुलिस विभाग और तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। हरियाणा पुलिस के थानों में मुंशी से लेकर प्रभारी तक रिश्वत लेते हुए पाए जा रहे हैं। इसी तरह तहसील कार्यालयों में भी भ्रष्टाचार की सीमा बढ़ती जा रही है। एंटी करप्शन ब्यूरो की लगातार कोशिशों के बावजूद, इन विभागों में भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
पंचायत विभाग और अन्य विभागों की स्थिति:
हरियाणा में भ्रष्टाचार की समस्या केवल पुलिस और राजस्व विभाग तक सीमित नहीं है। पंचायत विभाग सहित अन्य कई विभागों में भी भ्रष्टाचार की समस्या बनी हुई है। हालांकि, एंटी करप्शन ब्यूरो इन विभागों में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए काम कर रहा है, लेकिन कुछ अधिकारी इस भ्रष्टाचार से पूरी तरह जुड़े हुए हैं और सरकार के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। इसके कारण भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान:
हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि उनकी सरकार प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि किसी विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाए और किसी को भी बक्शा न जाए।
बड़े अधिकारियों की गिरफ्तारी में देरी: 
मुख्यमंत्री कार्यालय और चीफ सेक्रेटरी के कार्यालय से मंजूरी लेने की प्रक्रिया की वजह से एंटी करप्शन ब्यूरो को बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार करने में देरी हो रही है। कई ऐसे अधिकारी हैं जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई में देरी हो रही है। यह भी एक बड़ा कारण है, जिसकी वजह से भ्रष्टाचार की समस्या प्रदेश में बढ़ रही है।
एंटी करप्शन ब्यूरो की अपील:
एंटी करप्शन ब्यूरो ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से पैसे न दें। अगर कोई अधिकारी परेशान करता है या रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत तुरंत एंटी करप्शन ब्यूरो से करें, ताकि भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार:
हरियाणा का राजस्व विभाग भ्रष्टाचार के लिए कुख्यात है। यहां के कर्मचारी, जैसे चपरासी से लेकर उच्च अधिकारी तक, बिना पैसे के कोई काम नहीं करते हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बार कार्रवाई की है, लेकिन भ्रष्टाचार का सिलसिला थमता नहीं दिखाई दे रहा है।
मुख्य बातें:
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हरियाणा में भ्रष्टाचार का स्तर बढ़ता जा रहा है।
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पुलिस और राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है।
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एंटी करप्शन ब्यूरो लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन परिणाम उतने प्रभावी नहीं हैं।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भ्रष्टाचार को खत्म करने का वादा किया है।
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बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी हो रही है।
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एंटी करप्शन ब्यूरो ने जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने की अपील की है।
हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला रही है, और एंटी करप्शन ब्यूरो ने कई भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया है। लेकिन भ्रष्टाचार की समस्या इतनी गहरी और व्यापक हो गई है कि इसे खत्म करने के लिए और अधिक कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। सरकार को उच्च अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और विभागीय स्तर पर ज्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके।
इस प्रकार से यह खबर हरियाणा में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों, सरकार के प्रयासों, और एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्यवाही के बारे में पूरी जानकारी देती है।