
चंद्रमा-: वृश्चिक राशि में
अग्नि से लंका को जला दिया।
गुरुग्राम, 30 अगस्त-
उलंघ्यसिन्धों: सलिलं सलीलं य: शोकवह्नींजनकात्मजाया:।
आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम्॥
अर्थ:
मैं अंजनी के पुत्र हनुमान जी को नमन करता हूं, जिन्होंने समुद्र में छलांग लगा जनक की पुत्री के शोक रूपी अग्नि से लंका को जला दिया।
जय जय श्री राधे
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II
श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण
सब सुखी व स्वस्थ रहें
विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
सूर्य दक्षिणायण, ऋतु-: शरद
सूर्य उदय : प्रातः 6/03
सूर्य अस्त : सायं 6/41
भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 30/8/2025
दिन-: शनिवार
चंद्रमा-: वृश्चिक राशि में
राशि स्वामी-: मंगल
आज का नक्षत्र -: विशाखा दोपहर 2/38 तक उसके बाद अनुराधा
नक्षत्र स्वामी – : राहु/गुरु
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात:7/53 से विशाखा नक्षत्र चरण 4 में
दोपहर 2/38 से अनुराधा नक्षत्र चरण 1 में
रात्रि 9/20 से अनुराधा नक्षत्र चरण 2 में
योग-: दोपहर 3/10 तक ऐंद्र -: यह एक शुभ योग है , धन, सम्मान और सफलता के लिए अच्छा
दोपहर 3/11से वैधृति-: यह एक अशुभ योग है
आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
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-: मुक्ताभरण/संतान सप्तमी व्रत,
♻️आज की शुभ दिशा -: दक्षिण,पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम
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♻️ दिशा शूल -: पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर अदरक और उड़द खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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सूर्य -: सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 4 में ( नक्षत्र स्वामी केतु) रात्रि 1/44 से पूर्वा फाल्गुनी चरण 1 में नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी शुक्र)
मंगल -: कन्या राशि (राशि स्वामी बुद्ध) हस्त नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
बुद्ध -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) आश्लेषा चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध) सायं 4/41 से सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य)मघा नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी केतु)
गुरु -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु) प्रात: 10/40 से चरण 2 में
शुक्र -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र)पुष्य नक्षत्र चरण 3 में ( नक्षत्र स्वामी शनि)
शनि(वक्री) -: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु)उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में(नक्षत्र स्वामी शनि)
राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
राहु काल -: प्रात:10/30 से दोपहर 12/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी -:
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प्रात-: 5/03 तक कर्क
7/22 तक सिंह
9/38 तक कन्या
दोपहर 11/56 तक तुला
2/15 तक वृश्चिक
सायं 4/19 तक धनु
6/02 तक मकर
सायं 7/30 तक कुम्भ
रात्रि 8/54 तक मीन
10/30 तक मेष
12/25 तक वृष