महाराष्ट्र, 07 जनवरी 2026
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एनसीपी और अजीत पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि अजीत पवार को इस मुकाम तक पहुंचाने में शरद पवार की बड़ी भूमिका रही है। ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा, “जो अपने चाचा का नहीं हुआ, वो लातूर का क्या होगा? वो मोम के बने हैं, बड़े-बड़े दावे करते हैं और तुरंत पिघल जाते हैं।”
ओवैसी ने आरोप लगाया कि पुणे नगर निगम चुनाव के दौरान अजीत पवार ने भाजपा के खिलाफ बयान दिया, लेकिन शाम होते-होते उन्हें फटकार लगाई गई और अगले ही दिन उन्होंने कहा कि भाजपा से उनके कोई बुरे संबंध नहीं हैं। ओवैसी ने साफ कहा कि एनसीपी या अजीत पवार को वोट देना, सीधे तौर पर मोदी को वोट देने जैसा है, क्योंकि वे भाजपा के साथ खड़े हैं।
इसके साथ ही ओवैसी ने भाजपा पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। उन्होंने 26/11 हमलों का जिक्र करते हुए तंज कसा कि अगर अमेरिका दूसरे देश में जाकर राष्ट्रपति को पकड़ सकता है, तो भारत पाकिस्तान जाकर मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड को क्यों नहीं ला सकता।
ओवैसी ने कहा कि भारत किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी का है, और सभी नागरिकों को संविधान के तहत अपने अधिकार मांगने चाहिए। वक्फ संपत्तियों और मदरसों को लेकर चल रहे विवादों पर उन्होंने सरकार पर समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया और भाजपा के “बटेंगे तो कटेंगे” जैसे नारों को भाईचारे के खिलाफ बताया।
