नई दिल्ली, 24 जनवरी 2026
26 जनवरी 2026 को कर्तव्य पथ पर भारत की सैन्य शक्ति का ऐसा दृश्य दिखेगा, जो देशवासियों का गर्व बढ़ाएगा और दुनिया को भारत की अभेद्य सुरक्षा का संदेश देगा। पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड में भारत का सबसे शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ‘सुदर्शन चक्र’ प्रदर्शित किया जाएगा। यह वही प्रणाली है जिसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की हवाई सीमाओं को सुरक्षित करते हुए दुश्मन के हमलों को विफल किया था।
डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की ट्राई-सर्विसेज झांकी – ऑपरेशन सिंदूर – इस बार परेड का मुख्य आकर्षण होगी। इसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतरीन तालमेल और संयुक्त अभियानों की ताकत दिखाई जाएगी। एयर कॉमोडोर मनीष सभरवाल ने पुष्टि की है कि S-400 सिस्टम पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होगा, जिसे सशस्त्र बलों द्वारा “गेम-चेंजर” माना जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था। इस अभियान के दौरान S-400 ने दुश्मन के लड़ाकू विमानों और जासूसी विमान को 300 किलोमीटर की दूरी से ही मार गिराया।
इस परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भावनिश कुमार करेंगे, जो लगातार चौथी बार इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं। परेड में कुल 6,050 सैन्यकर्मी हिस्सा लेंगे और भैरव, शक्तिबाण, अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल और स्वदेशी ATAGS जैसे अत्याधुनिक उपकरण भी प्रदर्शित किए जाएंगे, जो आत्मनिर्भर भारत की ताकत दिखाएंगे।
77वें गणतंत्र दिवस समारोह में कुल 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर उतरेगी, जिनमें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों के टेबलो शामिल हैं। इस वर्ष की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है।
मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व उर्सुला वॉन डेर लेयेन और एंटोनियो कोस्टा आमंत्रित हैं, जो भारत की वैश्विक कूटनीतिक ताकत को दर्शाते हैं।
S-400 की कर्तव्य पथ पर मौजूदगी केवल सैन्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह संदेश है कि भारत अब अपनी सुरक्षा खुद तय करता है—पूरे आत्मविश्वास और आधुनिक ताकत के साथ।
