05 फरवरी 2026
देशभर के आधार कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी और बेहद जरूरी खबर सामने आई है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने अब तक 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा आधार नंबर हमेशा के लिए डी एक्टिवेट कर दिए हैं। ये सभी आधार नंबर उन लोगों के थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
सरकार ने यह जानकारी लोकसभा में दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि देश में आधार दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है और फिलहाल करीब 134 करोड़ आधार नंबर एक्टिव हैं।
सरकार के मुताबिक, इस बड़े सफाई अभियान का मकसद डेटाबेस को सटीक बनाए रखना और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकना है।
दरअसल, कई मामलों में मृत व्यक्तियों के आधार नंबर का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था—चाहे वह सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो या फिर साइबर और वित्तीय ठगी।
इसी को रोकने के लिए UIDAI ने मृत लोगों के आधार नंबर को सिस्टम से निष्क्रिय कर दिया है।सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि आधार केवल पहचान का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं।
लेकिन आज के समय में बैंक, मोबाइल, सब्सिडी और सरकारी सेवाओं में आधार जरूरी हो चुका है, इसलिए इसकी सुरक्षा बेहद अहम है।
इसी दिशा में UIDAI ने 28 जनवरी को नया आधार ऐप लॉन्च किया है, जो पुराने mAadhaar ऐप से अलग और ज्यादा एडवांस है।
इस नए ऐप में एक ही मोबाइल नंबर से आप अपने साथ-साथ परिवार के 5 अन्य सदस्यों के आधार प्रोफाइल भी जोड़ सकते हैं।अब मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए आधार केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी — यह काम घर बैठे ऐप से किया जा सकेगा।
सुरक्षा के लिहाज से इसमें बायोमेट्रिक लॉक, सिम-बाइंडिंग और QR आधारित वेरिफिकेशन जैसे एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स दिए गए हैं, ताकि कोई भी आपके आधार का अनधिकृत इस्तेमाल न कर सके।
UIDAI का साफ संदेश है —
पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी रोकने और सही लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए यह डेटाबेस क्लीन-अप अभियान आगे भी जारी रहेगा।
