09 फरवरी 2026
T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। 15 फरवरी को कोलंबो में प्रस्तावित इस महामुकाबले के आयोजन पर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार को खत्म करने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के सामने तीन अहम शर्तें रखीं हैं। लाहौर में हुई पांच घंटे लंबी हाई-लेवल बैठक में PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी, ICC उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल थे।
PCB की तीन शर्तें:
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ICC के रेवेन्यू में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए।
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भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज़ फिर से शुरू की जाए।
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के लिए हैंडशेक प्रोटोकॉल लागू किया जाए।
सूत्रों के अनुसार, दूसरी मांग यानी द्विपक्षीय सीरीज़ पर भारत कभी सहमत नहीं होगा। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज़ 2012 में खेली गई थी, और राजनीतिक हालात के कारण अब केवल ICC टूर्नामेंट में ही दोनों टीमें आमने-सामने आएंगी।
हैंडशेक विवाद:
PCB चाहता है कि भविष्य में भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना अनिवार्य करें। ICC के नियमों के अनुसार, हाथ मिलाना केवल परंपरा है और कोई अनिवार्य नियम नहीं है। BCCI और ICC ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खिलाड़ी को मजबूर नहीं किया जा सकता।
बांग्लादेश एंगल:
PCB ने ICC से यह भी मांग रखी कि बांग्लादेश को ज्यादा मुआवजा दिया जाए और टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बावजूद उसे पार्टिसिपेशन फीस मिले। हालांकि ICC ने संकेत दिए हैं कि अतिरिक्त मुआवजा फिलहाल संभव नहीं है।
यदि पाकिस्तान मैच नहीं खेलता है, तो PCB को लगभग 2200 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इस मुकाबले से ICC और अन्य बोर्ड्स की कमाई पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि यह मैच पूरे टूर्नामेंट का सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर है।
PCB अगले 24 घंटों में भारत के खिलाफ मैच को लेकर अंतिम फैसला ले सकता है। इसके पहले, PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से मुलाकात करेंगे।
क्या 15 फरवरी को फैंस भारत-पाकिस्तान महामुकाबला देखने को पाएंगे, यह अब आने वाले फैसले पर निर्भर करेगा।
