
योग-: दोपहर 1/18 तक शुक्ल योग-: यह एक शुभ योग है आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि चंडीगढ़, 28 अगस्त । वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम॥ अर्थ: वसुदेव के पुत्र, कंस और चाणूर का वध करने वाले, देवकी के परम आनंद, जगद्गुरु भगवान कृष्ण की मैं वंदना करता हूँ।
योग-: दोपहर 1/18 तक शुक्ल योग-: यह एक शुभ योग है
आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
चंडीगढ़, 28 अगस्त ।
वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकी परमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम॥
अर्थ: वसुदेव के पुत्र, कंस और चाणूर का वध करने वाले, देवकी के परम आनंद, जगद्गुरु भगवान कृष्ण की मैं वंदना करता हूँ।
जय जय श्री राधे
IIआज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति II++
श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण
सब सुखी व स्वस्थ रहें
विक्रम संवत 2082
संवत्सर नाम -: सिद्धार्थी
संवत्सर राजा-: सूर्य
संवत्सर मंत्री-: सूर्य
सूर्य दक्षिणायण, ऋतु-: शरद
सूर्य उदय : प्रातः 6/01
सूर्य अस्त : सायं 6/43
भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि
अंग्रेजी दिनांक-: 28/8/2025
दिन-: गुरुवार
चंद्रमा-: तुला राशि में
राशि स्वामी-: शुक्र
आज का नक्षत्र -: चित्रा प्रात: 8/44 तक उसके बाद स्वाति
नक्षत्र स्वामी – : मंगल/राहु
✨️ चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश-:
प्रात: 8/44 से स्वाति नक्षत्र चरण 1 में
दोपहर 3/26 से स्वाति नक्षत्र चरण 2 में
रात्रि 10/11 से स्वाति नक्षत्र चरण 3 में
योग-: दोपहर 1/18 तक शुक्ल योग-: यह एक शुभ योग है
उसके बाद ब्रम्ह -: यह एक शुभ योग है , आध्यात्मिक प्रगति एवं भक्ति के लिए
आज के मुख्य पर्व/भद्रा/पंचक/गन्डमूल आदि
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-: ऋषि पंचमी (जैन)
♻️आज की शुभ दिशा -: पूर्व,उत्तर, उत्तर-पूर्व
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♻️ दिशा शूल -: दक्षिणी दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अति आवश्यक होने पर दही खाकर प्रस्थान करें
आज की ग्रह स्थिति -:
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सूर्य -: सिंह राशि (राशि स्वामी सूर्य) मघा नक्षत्र चरण 4 में ( नक्षत्र स्वामी केतु)
मंगल -: कन्या राशि (राशि स्वामी बुद्ध) हस्त नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी चंद्र)
बुद्ध -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र) आश्लेषा चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी बुद्ध) सायं 7/48 से चरण 4 में
गुरु -: मिथुन राशि (राशि स्वामी बुद्ध) पुनर्वसु नक्षत्र चरण 1 में ( नक्षत्र स्वामी गुरु)
शुक्र -: कर्क राशि (राशि स्वामी चंद्र)पुष्य नक्षत्र चरण 2 में ( नक्षत्र स्वामी शनि)
शनि(वक्री) -: मीन राशि (राशि स्वामी गुरु)उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 1 में(नक्षत्र स्वामी शनि)
राहु-: कुंभ (राशि राशि स्वामी शनि)पूर्व भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
केतु-: सिंह राशि( राशि स्वामी सूर्य) पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
राहु काल -: दोपहर 1/30 से 3/00 बजे तक कोई शुभ या नया कार्य न करें
दैनिक लग्न सारणी -:
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प्रात-: 5/11 तक कर्क
7/30 तक सिंह
9/46 तक कन्या
दोपहर 12/04 तक तुला
2/23 तक वृश्चिक
सायं 4/27 तक धनु
6/10 तक मकर
सायं 7/38 तक कुम्भ
रात्रि 9/02 तक मीन
10/3i तक मेष
12/33 तक वृष