बिहार,06 फरवरी 2026
बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज चौथा दिन है और सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासी गर्मी देखने को मिल रही है। विपक्ष ने एक बार फिर किसानों के मुद्दे को लेकर नीतीश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा परिसर में विपक्षी विधायकों ने पोस्टर लेकर सरकार पर आरोप लगाया कि बजट में किसानों के साथ धोखा किया गया है और सरकार में इच्छाशक्ति की भारी कमी है।
वहीं, सदन के अंदर वामदल के विधायक अजय कुमार ने किसानों की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है, किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है और फसलों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने इसमें स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया।
इधर, स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा गया। भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने अलीनगर विधानसभा क्षेत्र में डॉक्टरों की भारी कमी और जर्जर अस्पताल भवन का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि करीब 40 हजार की आबादी सिर्फ एक ही अस्पताल पर निर्भर है, लेकिन वहां न तो पर्याप्त एमबीबीएस डॉक्टर हैं और न ही बुनियादी सुविधाएं।
सदन में कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा को लेकर भी तीखी बहस हुई। विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह और जिवेश मिश्र ने साफ कहा कि मरीजों से अभी भी जांच और इलाज के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं। इस पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार इस दिशा में सहमत है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कठिनाइयां हैं।
सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का बयान। नीट छात्रा मर्डर केस में मंत्री के बेटे का नाम जुड़े होने के आरोपों पर उन्होंने राबड़ी देवी को खुली चुनौती दी। सम्राट चौधरी ने कहा कि अगर राबड़ी देवी के पास किसी का नाम है तो वह सार्वजनिक करें, और अगर नाम बताया गया तो 24 घंटे के भीतर आरोपी को जेल भेजा जाएगा।
इधर, विधानसभा परिसर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मुख्य द्वार के पास ऊपरी मंजिल का छज्जा अचानक गिर गया। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था और कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन हाल ही में हुए रिनोवेशन के बाद भी छज्जा गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष ने इस मामले में जांच की मांग की है।
राजनीतिक मोर्चे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जदयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा और राजद विधायकों के बीच सदन में बहस तेज हो गई, जिसमें पुराने राजनीतिक गठबंधनों और बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगे।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। सरकार का दावा है कि यह बजट “विकसित बिहार” की दिशा में बड़ा कदम है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस किया गया है।
