दिल्ली, 02 फरवरी 2026
मोदी सरकार 3.0 के तीसरे कार्यकाल में पेश हुए आम बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार सरकार की प्राथमिकता टैक्स राहत नहीं, बल्कि विकास की रफ्तार है। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, मैन्युफैक्चरिंग और किसानों की समृद्धि को केंद्र में रखा गया है, जबकि मिडिल क्लास और शेयर बाजार निवेशकों को ज्यादा राहत नहीं मिली।
मिडिल क्लास: टैक्स में राहत नहीं, खर्च में थोड़ी राहत
इस बार स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने या इनकम टैक्स में बदलाव की उम्मीदें पूरी नहीं हुईं। यानी मिडिल क्लास को सीधी टैक्स राहत नहीं मिली।
हालांकि, सरकार ने 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी है। इसके साथ ही जूते, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर ड्यूटी घटाने से रोजमर्रा के खर्च में कुछ राहत मिल सकती है।
किसान: पशुपालन और हाई-वैल्यू फसलों पर फोकस
बजट 2026 में किसानों की आय बढ़ाने पर खास जोर दिया गया है।
पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी योजना लाई जाएगी।
नारियल और चंदन जैसी हाई-वैल्यू फसलों के लिए नई प्रोत्साहन योजना शुरू होगी और AI आधारित एग्री टूल्स से किसानों को मौसम, फसल और बाजार से जुड़ी बेहतर जानकारी मिलेगी।
MSME सेक्टर: 10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड
छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स के लिए 10,000 करोड़ रुपये का MSME ग्रोथ फंड घोषित किया गया है। सरकार का लक्ष्य MSMEs को सिर्फ टिकाए रखना नहीं, बल्कि उन्हें “चैंपियन” बनाना है।
हेल्थ सेक्टर: रिसर्च और रोजगार को बढ़ावा
हेल्थ सेक्टर इस बजट का बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है। देश में 5 मेडिकल हब और 1000 क्लीनिकल ट्रायल साइट्स बनाने की घोषणा की गई है, जिससे मेडिकल रिसर्च के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रक्षा: रिकॉर्ड बजट आवंटन
रक्षा क्षेत्र को रिकॉर्ड 7.8 लाख करोड़ रुपये का बजट मिला है। इसमें बड़ा हिस्सा सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूत करने के लिए रखा गया है।
खेल, महिलाएं और छात्राएं
खेलो इंडिया मिशन को अगले 10 वर्षों तक मजबूत करने की घोषणा की गई है। ग्रामीण महिलाओं के लिए SHE मार्ट्स शुरू किए जाएंगे और छात्राओं के लिए देशभर में हॉस्टल बनाए जाएंगे।
विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता
विदेश में पढ़ाई और मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है।
निवेशक: शेयर बाजार को झटका
इस बजट में निवेशकों को सबसे बड़ा झटका लगा है। सरकार ने सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT को बढ़ाकर 0.15% कर दिया, जिसके बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली।
कुल मिलाकर, बजट 2026 विकास, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ता नजर आता है, लेकिन मिडिल क्लास और शेयर बाजार निवेशकों की उम्मीदें इस बार अधूरी ही रह गईं।
