
अब तेजी से हो रहा कार्य - मुख्यमंत्री 4 माह में 16 हजार मीट्रिक टन कचरा यमुना से निकाला मां यमुना को स्वच्छ बनाना हरियाणा का संकल्प : नायब सिंह सैनी नई दिल्ली, 25 अगस्त-- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले दिनों जब दिल्ली में विपक्ष की सरकार थी, उस दौरान यमुना नदी की स्थिति बेहद खराब थी। बातें तो बहुत हुईं, लेकिन वास्तव में धरातल पर यमुना को साफ और स्वच्छ करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
अब तेजी से हो रहा कार्य – मुख्यमंत्री
4 माह में 16 हजार मीट्रिक टन कचरा यमुना से निकाला
मां यमुना को स्वच्छ बनाना हरियाणा का संकल्प : नायब सिंह सैनी
नई दिल्ली, 25 अगस्त– हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले दिनों जब दिल्ली में विपक्ष की सरकार थी, उस दौरान यमुना नदी की स्थिति बेहद खराब थी। बातें तो बहुत हुईं, लेकिन वास्तव में धरातल पर यमुना को साफ और स्वच्छ करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मुख्यमंत्री हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस विषय का संज्ञान लिया है और उनके निर्देश पर हाल ही में दिल्ली में एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें वे स्वयं, दिल्ली की मुख्यमंत्री और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उपस्थित रहे। इस बैठक में यमुना नदी की स्वच्छता के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है और इस पर तेज गति से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार महीनों में यमुना से 16,000 मीट्रिक टन कचरा निकाला गया है। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए दिल्ली में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) भी स्थापित किए जा रहे हैं। मां यमुना अब स्वच्छ हो रही है और यह हरियाणा सरकार का दृढ़ संकल्प है।
1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में जान गवाने वाले व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में की घोषणा
हरियाणा सरकार द्वारा 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के दौरान प्रदेश के ऐसे सभी 121 परिवारों जिनके किसी एक सदस्य की जान चली गई थी उनके परिवार के एक सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में चल रहे मानसून सत्र के दौरान यह घोषणा की।
उन्होंने सदन को अवगत कराया की 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में प्रदेश में लगभग 20 गुरुद्वारों, 221 मकानों, 154 दुकानों, 57 फैक्ट्रियों, 3 रेलडिब्बों और 85 वाहनों को जला दिया गया था। इन दंगों में 58 व्यक्ति घायल हुए और 121 लोगों की मृत्यु हुई थी।
उन्होंने पीड़ित परिवारों को आपसी सहमति से परिवार के एक सदस्य का नाम अपने जिले के उपायुक्त के माध्यम से मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार को भिजवाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सरकार द्वारा हिदायतें शीघ्र ही जारी कर दी जाएंगी।