
विश्व शांति केंद्र में श्रद्धालुओं को आचार्य लोकेशजी ने कराया ध्यान का अभ्यास ध्यान के द्वारा होता है आंतरिक शक्तियों का जागरण– आचार्य लोकेशजी मन की शांति और तनावमुक्ति के लिए ध्यान जरूरी – आचार्य लोकेशजी नई दिल्ली, 25 अगस्त 2025: अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेशजी के सान्निध्य में विश्व शांति केंद्र में आयोजित पर्युषण महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने ध्यान का अभ्यास किया | आचार्य लोकेशजी ने पर्युषण पर्व व्याख्यानमला के दौरान “ध्यान योग” विषय पर श्रद्धालुओ को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर ने सत्य की खोज और आत्म साक्षात्कार के लिए नियमित रूप से ध्यानभ्यास करने पर बल दिया था
विश्व शांति केंद्र में श्रद्धालुओं को आचार्य लोकेशजी ने कराया ध्यान का अभ्यास
ध्यान के द्वारा होता है आंतरिक शक्तियों का जागरण– आचार्य लोकेशजी
मन की शांति और तनावमुक्ति के लिए ध्यान जरूरी – आचार्य लोकेशजी
नई दिल्ली, 25 अगस्त 2025: अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेशजी के सान्निध्य में विश्व शांति केंद्र में आयोजित पर्युषण महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने ध्यान का अभ्यास किया | आचार्य लोकेशजी ने पर्युषण पर्व व्याख्यानमला के दौरान “ध्यान योग” विषय पर श्रद्धालुओ को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान महावीर ने सत्य की खोज और आत्म साक्षात्कार के लिए नियमित रूप से ध्यानभ्यास करने पर बल दिया था उन्होने कहा ध्यान से आंतरिक शक्तियों का जागरण होता है आत्मा भिन्न शरीर भिन्न इस भेद विज्ञान की अनुभूति होती है यही से अध्यात्म यात्रा का शुभारंभ होता है।
बारह वर्षों तक ध्यान साधना के विविध प्रयोग किए
आचार्य लोकेशजी ने ध्यान की सैद्धांतिक जानकारी और प्रयोगिक अभ्यास कराते हुए कहा कि मन की शांति और तनावमुक्ति के लिए भी ध्यान का अभ्यास बहुत उपयोगी है, इससे नकारात्मक भाव नष्ट होते है एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होने कहा ध्यान के द्वारा अनेक प्रकार की मनोकायिक बीमारियों का भी समाधान होता है। आचार्य लोकेशजी ने कहा भगवान महावीर की वाणी के अनुसार ध्यान आंतरिक तपस्या है उसका महत्व उपवास से भी अधिक है, भगवान महावीर ने दीक्षा के बाद बारह वर्षों तक ध्यान साधना के विविध प्रयोग किए और उसी से उन्हे केवल ज्ञान की प्राप्ति हुई ।
इस अवसर पर योगाचार्य करण, योगाचार्य मंथन एवं विरेंद्र कुमार जैन के भक्ति भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे । कार्यक्रम को सफल बनाने में अहिंसा विश्व भारती के पदाधिकारी रमेश तिवारी डॉ आलोक ड्रोलिया, हितेश जैन, मनोज जैन, सारिका जैन, श्रीमती केनु अग्रवाल, सुश्री तारकेश्वरी मिश्रा, विनीत शर्मा, दयाराम आदि सभी का पूर्ण सहयोग रहा।