
मानेसर नगर निगम के अधिकारियों के करोड़ों रुपए बरसात के पानी में। अधिकारी को बीपी, शुगर बड़ा। गुरुग्राम 25 अगस्त। भ्रष्टाचार ने मानेसर नगर निगम को दीमक की तरह खोखला कर दिया जिससे विकास कार्यों के करोड़ों रुपए पानी में बह गए जिसके चलते आज मानेसर नगर निगम में आने वाले ग्रामीण क्षेत्र की हालत दयनीय बनी हुई है दिल्ली जयपुर हाईवे सर्विस रोड भी बरसात के पानी में लबालब भरे हुए हैं आए दिन स्कूली बच्चे इन बरसाती के पानी में स्कूल जाते समय गिरते पढ़ते रहते हैं मगर निगम के किसी भी अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं खुल रही जिससे आम जनता अब सड़कों पर उतरने का मन बना रही है जिसका सबसे बड़ा कारण नगर निगम में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी अधिकारी का बोलबाला बताया जाता है।
मानेसर नगर निगम के अधिकारियों के करोड़ों रुपए बरसात के पानी में।
अधिकारी को बीपी, शुगर बड़ा।
गुरुग्राम 25 अगस्त।
भ्रष्टाचार ने मानेसर नगर निगम को दीमक की तरह खोखला कर दिया जिससे विकास कार्यों के करोड़ों रुपए पानी में बह गए जिसके चलते आज मानेसर नगर निगम में आने वाले ग्रामीण क्षेत्र की हालत दयनीय बनी हुई है दिल्ली जयपुर हाईवे सर्विस रोड भी बरसात के पानी में लबालब भरे हुए हैं आए दिन स्कूली बच्चे इन बरसाती के पानी में स्कूल जाते समय गिरते पढ़ते रहते हैं मगर निगम के किसी भी अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं खुल रही जिससे आम जनता अब सड़कों पर उतरने का मन बना रही है जिसका सबसे बड़ा कारण नगर निगम में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारी अधिकारी का बोलबाला बताया जाता है।
जिस समय मानेसर नगर निगम का गठन हुआ उसे समय ऐसा लगा था कि शायद अब मानेसर क्षेत्र विदेश के तर्ज पर विकसित होगा लेकिन यह मानेसर के आसपास 20 गांव के लोगों का मात्र सपना था उनको यह नहीं पता था की नगर निगम आने से उन पर आफत पड़ जाएगी अपनी मर्जी से मकान नहीं बना पाएंगे प्लॉट नहीं खरीद पाएंगे और गंदे पानी में रहने पर मजबूर नहीं होंगे यह उस समय ग्रामीणों के अलग ही सपने थे कि निगम के आने से क्षेत्र और गांव की हालत सुधर जाएगी मगर अब मानेसर नगर निगम लगातार भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता जा रहा है ने विकास कार्य हो रहे हैं ने गंदा पानी गांव से निकल रहा है और इतना ही नहीं अब तो सड़कों पर भी गंदा पानी जोड़ का रूप धारण कर रहा है सफाई व्यवस्था राम भरोसे है सफाई न होने के कारण नलों में भरने वाला पानी अब सड़कों पर भरा रहता है ग्रामीणों को घरों में भरा हुआ है और नगर निगम के अधिकारी आंखें बंद करें बैठे हुए हैं।
निगम के अधिकारी भ्रष्टाचार करने में व्यस्त, कोई पूछने वाला नहीं।
मानेसर नगर निगम को करीब 6 वर्ष बीत गए हैं यहां नगर निगम मेयर की भी नियुक्ति हो गई है लेकिन इसके बावजूद भी विकास कार्य राम भरोसे हैं क्योंकि भ्रष्ट अधिकारी अब किसी के काबू में नहीं आ रहे हैं अपनी मनमर्जी कर रहे हैं अपने चाहते लोगों को सफाई व्यवस्था का ठेका दे रहे हैं जिससे यह क्षेत्र मानेसर लगातार विकास कार्यों में पिछड़ता जा रहा है कोई सुनने वाला नहीं है यहां के सांसद और विधायक नाम मात्र के हैं जिसके चलते इस क्षेत्र की दिन प्रतिदिन हालत खराब होती जा रही है अधिकारियों का बोलबाला है सांसद और विधायक चुप्पी सादे हुए हैं उनके कहने से तो अधिकारी काम तक नहीं करते यहां तक की फोन तक नहीं उठाते हैं जिसकी शिकायत लगातार हरियाणा विधानसभा में की जाती रही है लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला अधिकारी मात्र चंडीगढ और दिल्ली के फोन सुनते हैं स्थानीय नेताओं के फोन तो उठाना भी पसंद तक नहीं करते हैं।
सफाई के नाम पर करोड़ अरब रुपए निगम के पानी में या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए।
निगम में सफाई व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र की एजेंसियों को सफाई व्यवस्था का ठेका दिया लेकिन सफाई व्यवस्था शून्य है जिसका परिणाम रामपुर चौक पर मानेसर आईएमटी चौक के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में गंदा पानी भरा हुआ है आए दिन ग्रामीण सफाई व्यवस्था को लेकर चिल्लाते रहते हैं अधिकारियों से मुलाकात करते हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
निर्दलीय मेयर कैसे कराएंगी की विकास कार्य।
मानेसर नगर निगम की मेयर भाजपा के उम्मीदवार को हराकर बनी है सत्ताधारी पार्टी का उनके साथ कितना सहयोग है वह सभी को पता है आखिरकार कैसे विकास कार्य कराएंगी मानेसर में यह तो अब वही बता सकती हैं लेकिन राज्य सरकार उनके साथ खड़ी हुई दिखाई नहीं दे रही है यह भी एक मानेसर का विकास में सबसे बड़ा रोड़ा है और रही सही कसर अधिकारी पूरी कर रहे हैं अगर अच्छी तरह मन कर नगर निगम के 6 वर्षों में खर्च हुए करोड़ों अरबो रुपए की जांच हो तो कई बड़ी-बड़ी हस्तियां अधिकारी सलाखों के पीछे हो सकती है। मगर जांच सरकार की बहुत धीमी है इस पर भी सवाल उठ रहे हैं।