
जलभराव जैसी समस्याएँ लंबे समय से नागरिकों के सुगम आवागमन में बड़ी बाधा बन रही, इंद्रजीत सिंह - 267 करोड़ की लागत से बनेंगे चार फ्लाईओवर, आमजन को जाम से मिलेगी मुक्ति गुरुग्राम, 26 अगस्त। केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को गुरुग्राम के सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (पुराना एनएच-8) के गुरुग्राम-जयपुर खंड पर लगभग ₹282 करोड़ की लागत से बनने वाली महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय भारत सरकार के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित रहे।
जलभराव जैसी समस्याएँ लंबे समय से नागरिकों के सुगम आवागमन में बड़ी बाधा बन रही, इंद्रजीत सिंह
– 267 करोड़ की लागत से बनेंगे चार फ्लाईओवर, आमजन को जाम से मिलेगी मुक्ति
गुरुग्राम, 26 अगस्त।
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को गुरुग्राम के सेक्टर-44 स्थित अपैरल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (पुराना एनएच-8) के गुरुग्राम-जयपुर खंड पर लगभग ₹282 करोड़ की लागत से बनने वाली महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय भारत सरकार के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित रहे।
पैदल यात्रियों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करना एक गंभीर चुनौती
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने डिजिटल माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुग्राम और रेवाड़ी केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। दोनों जिले औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियों के प्रमुख केंद्र हैं और यही कारण है कि प्रतिदिन लाखों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव, जाम और बरसात के दिनों में जलभराव जैसी समस्याएँ लंबे समय से नागरिकों के सुगम आवागमन में बड़ी बाधा बन रही थीं। इसके साथ ही चिन्हित स्थानों पर पैदल यात्रियों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करना एक गंभीर चुनौती थी, जिसके कारण कई बार दुर्घटनाएँ घटित होती रहीं।
– पिछले 11 वर्षों में भारत ने पकड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रफ्तार : केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने बीते 11 वर्षों में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा और दशा दोनों को बदल दिया है। आज सड़क, रेलवे, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में वह प्रगति हुई है, जिसकी कल्पना पहले करना भी कठिन था। उन्होंने बताया कि आज़ादी से लेकर वर्ष 2014 तक पूरे देश में केवल 91 हजार किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण हो पाया था, जबकि अकेले पिछले 11 वर्षों में ही 60 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी के राष्ट्रीय राजमार्ग आमजन को समर्पित किए गए हैं। यही नहीं, पूर्व की सरकारों के समय जहाँ प्रतिदिन औसतन 12 किलोमीटर नेशनल हाईवे का निर्माण होता था, वहीं प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में यह रफ्तार बढ़कर 33 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुँच गई है।
– 267 करोड़ की लागत से बनेंगे चार फ्लाईओवर, आमजन को जाम से मिलेगी मुक्ति
परियोजनाओं में लगभग ₹267 करोड़ की लागत से 58.8 किलोमीटर लंबे खंड पर सर्विस रोड का व्यापक सुधार, नई संरचनाओं का निर्माण और सड़क सुरक्षा उपायों का क्रियान्वयन शामिल है। इस योजना के तहत पचगांव चौक, राठीवास, धारूहेड़ा स्थित हीरो कंपनी के पास तथा साहलवास में चार नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जो ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने में मील का पत्थर साबित होंगे। इसके साथ ही 2.26 किलोमीटर नई सर्विस रोड, 7.2 किलोमीटर पिक्यूसी रोड और 30.95 किलोमीटर लंबाई की सड़क का उन्नयन किया जाएगा।
जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से निजात दिलाने के लिए 18.05 किलोमीटर नई आरसीसी नालियां बनाई जाएंगी और 40.64 किलोमीटर लंबाई की मौजूदा खुली नालियों को ढककर मजबूत किया जाएगा। हर 500 मीटर पर वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाकर भूजल रिचार्ज को बढ़ावा दिया जाएगा। सड़क सुरक्षा के लिए 32 नए प्रवेश-निक्षेप बिंदु, 2,475 साइनबोर्ड, 800 डेलिनेटर, 29,613 रोड स्टड, 34 ट्रैफिक इंपैक्ट एटेनयुएटर और 3 हाई-मास्ट लाइटें लगाई जाएंगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण के लिए 15,000 पौधे भी लगाए जाएंगे।
– पैदल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ₹15 करोड़ की लागत से 9 स्थानों पर बनाए जाएंगे आधुनिक फुट ओवरब्रिज
यातायात और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए ₹15 करोड़ की लागत से 9 स्थानों पर आधुनिक फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाए जाएंगे। इनमें शिकोहपुर, मानेसर (एनएसजी कैंप के पास), बिनौला, राठीवास, मालपुरा, जयसिंहपुरखेड़ा, सिधरावली, खरखरा और खजुरी शामिल हैं। प्रत्येक एफओबी को रैम्प और सीढ़ियों सहित विशेष रूप से डिजाइन किया जाएगा ताकि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और दोपहिया वाहनों की आवाजाही भी आसान हो सके।