04 फरवरी 2026
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मंगलवार, 4 फरवरी को अपनी तीन दिवसीय अमेरिका यात्रा की शुरुआत की। दौरे के पहले ही दिन उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से लगातार दो अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और तकनीक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई।
जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के बाद भारत-अमेरिका के बीच एक बड़े ट्रेड डील का ऐलान किया गया था। इस समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसे तुरंत लागू कर दिया गया है।
अपने दौरे की शुरुआत में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मुलाकात की। अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक भारत-अमेरिका के नए आर्थिक समझौते को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में बेहद अहम मानी जा रही है। दोनों पक्षों के बीच व्यापार को आसान बनाने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने और नियमों के तालमेल जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर उपयोगी बातचीत हुई है।
इसके बाद जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस बैठक में द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख स्तंभों — व्यापार, ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और टेक्नोलॉजी — पर विस्तार से विचार किया।
जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों ने साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थागत तंत्रों के तहत जल्द बैठकें आयोजित करने पर सहमति जताई है।
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि बातचीत के दौरान खास तौर पर क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और नए आर्थिक अवसर खोलने पर फोकस किया गया। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए अहम कदम बताया।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए व्यापार समझौते का भी स्वागत किया। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि भारत और अमेरिका क्वाड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को और आगे बढ़ाएंगे।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स की खोज, खनन और प्रोसेसिंग को लेकर भारत-अमेरिका सहयोग को औपचारिक रूप देने पर विशेष चर्चा हुई। यह क्षेत्र भारत-अमेरिका आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का एक अहम स्तंभ बनकर उभर रहा है।
बयान में कहा गया कि दोनों लोकतांत्रिक देशों ने नए आर्थिक अवसरों को खोलने और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके साथ ही दोनों पक्षों ने यह भी माना कि एक मजबूत, समृद्ध और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र भारत और अमेरिका के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इससे पहले, जयशंकर ने वॉशिंगटन में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट से मुलाकात को लेकर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर उपयोगी चर्चा हुई है।
