13 जनवरी 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर ऐलान किया कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को अमेरिका के साथ होने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। उन्होंने अपने इस आदेश को अंतिम और निर्णायक बताते हुए कहा कि यह शुल्क तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
ट्रंप के इस फैसले से ईरान पर दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर ऐसे समय में, जब ईरान पिछले करीब 15 दिनों से देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों की चपेट में है। कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और प्रदर्शन हिंसक रूप भी ले रहे हैं।
इसी बीच, ईरान में अमेरिकी वर्चुअल दूतावास की ओर से एक सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें अमेरिकी नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की गई है। सलाह में कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं, जिनमें हिंसा, गिरफ्तारियों और चोट लगने का खतरा है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, कई सड़कें बंद हैं, सार्वजनिक परिवहन बाधित है और इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। साथ ही, एयरलाइंस ईरान से आने-जाने वाली कई उड़ानों को रद्द या सीमित कर रही हैं। अमेरिकी नागरिकों को वैकल्पिक संचार साधनों की तैयारी रखने और सुरक्षित होने की स्थिति में आर्मेनिया या तुर्किये के रास्ते ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कूटनीति ट्रंप की पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई, यहां तक कि हवाई हमले भी विकल्पों में शामिल हैं।
लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान सार्वजनिक मंचों पर जो बयान दे रहा है, वह उन निजी संदेशों से अलग हैं, जो अमेरिकी प्रशासन को अंदरूनी चैनलों के जरिए मिल रहे हैं। ट्रंप इन संदेशों का गंभीरता से मूल्यांकन कर रहे हैं और यह देखना चाहते हैं कि बातचीत की कोई वास्तविक संभावना बची है या नहीं।
हालांकि, लेविट ने दो टूक कहा कि अगर अमेरिका की सुरक्षा या हितों को खतरा हुआ, तो राष्ट्रपति ट्रंप सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
