बिहार,04 फरवरी 2026
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को एक असामान्य और चर्चा में रहने वाला दृश्य देखने को मिला, जब मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत कुमार सिंह को जेल की गाड़ी में कड़ी सुरक्षा के बीच विधानसभा लाया गया। अदालत से विशेष अनुमति मिलने के बाद वे केवल शपथ ग्रहण के उद्देश्य से पैरोल पर विधानसभा पहुंचे थे।
अनंत सिंह फिलहाल बेऊर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर बिहार चुनाव के दौरान जनसुराज पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में गंभीर आरोप हैं। इस मामले में अब तक उन्हें जमानत नहीं मिल पाई है।
विधानसभा परिसर में भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच अनंत सिंह को सदन के भीतर ले जाया गया, जहां उन्होंने खड़े होकर विधायक पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास जाकर उनके पैर छुए। नीतीश कुमार को अनंत सिंह अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं। कुछ देर तक वे हाथ जोड़कर वहीं खड़े रहे।
शपथ के बाद अनंत सिंह को दोबारा उसी जेल वाहन से बेऊर जेल वापस भेज दिया गया। अधिकारियों के अनुसार उनकी पैरोल केवल शपथ ग्रहण तक ही सीमित थी।
विधानसभा के बाहर मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में अनंत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि जांच चल रही है तथा उन्हें न्याय मिलेगा। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर टिप्पणी की।
अनंत सिंह बिहार की राजनीति में लंबे समय से एक प्रभावशाली और विवादित चेहरा रहे हैं। वे वर्ष 2005 से मोकामा विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं और अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ चुके हैं। हालिया विधानसभा चुनाव उन्होंने जेल में रहते हुए ही जीता था, लेकिन हिरासत में होने के कारण उस समय शपथ नहीं ले पाए थे।
बिहार विधानसभा सचिवालय के अनुसार, हिरासत में लिए गए निर्वाचित सदस्य को संवैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए मौजूदा नियमों के तहत विशेष व्यवस्था की गई थी। फिलहाल अनंत सिंह के खिलाफ हत्या मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है और अदालत के अगले आदेश तक उनके जेल में ही रहने की संभावना है।
