28 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश के बरेली से एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने प्रशासन, राजनीति और सामाजिक विमर्श—तीनों को झकझोर दिया है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस के दिन अपने पद से इस्तीफा देकर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक, यह अचानक लिया गया फैसला नहीं था। बताया गया है कि 23 जनवरी को ही यह तय हो चुका था कि वे 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के दिन इस्तीफा देंगे। दिन का चयन भी प्रतीकात्मक माना जा रहा है।
इसी दिन बरेली बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी ने शपथ ली और बार के सचिव दीपक पांडेय फिर से अपने पद पर आए। पूरे घटनाक्रम के दौरान दीपक पांडेय लगातार अलंकार अग्निहोत्री के साथ मौजूद रहे, चाहे वह डीएम आवास जाना हो या मीडिया से बातचीत।
इस्तीफे के पीछे के कारण:
अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे के पीछे दो मुख्य कारण बताए:
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UGC के नए नियमों में सवर्ण समाज की अनदेखी।
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प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रशासन साधु-संतों और ब्राह्मण समाज के प्रति संवेदनशील नहीं है, और इसी विरोध स्वरूप उन्होंने अपना पद छोड़ने का निर्णय लिया।
विवाद और आरोप:
इस्तीफा देने के बाद मामला और गंभीर हो गया, जब अलंकार अग्निहोत्री ने जिलाधिकारी पर उन्हें अपने आवास में बंधक बनाए रखने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि डीएम के फोन पर लखनऊ से एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनके लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। हालांकि प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया।
प्रदर्शन और समर्थन:
निलंबन के बावजूद अलंकार अग्निहोत्री का आक्रोश शांत नहीं हुआ। अगले दिन वे समर्थकों के साथ Collectorate पहुंचे, धरना दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए।बार एसोसिएशन के कई अधिवक्ताओं के साथ ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता भी उनके समर्थन में आए।
