उत्तर प्रदेश, 10 जनवरी 2026
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है और सरकार का “जीरो टॉलरेंस” का दावा पूरी तरह विफल हो चुका है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में महिलाएं और बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं।
अखिलेश यादव ने मेरठ में सामने आए उस मामले का जिक्र किया, जिसमें एक मां पर कातिलाना हमला किया गया और उसकी बेटी को अगवा कर लिया गया। उन्होंने इस घटना को कानून-व्यवस्था की भयावह तस्वीर बताते हुए कहा कि प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। सपा अध्यक्ष के अनुसार, महिला अपराध और साइबर क्राइम के मामलों में उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का हवाला देते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि वहां रोज़ औसतन पांच महिलाएं हिंसा का शिकार हो रही हैं और हर पंद्रह दिन में दुष्कर्म जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता ऐसे हालात के लिए जिम्मेदार सरकार को 2027 के विधानसभा चुनाव में जवाब देगी।
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में संगठित अपराध और माफिया गतिविधियां समाप्त नहीं हुई हैं, बल्कि और मजबूत हुई हैं। उन्होंने कफ सिरप से जुड़े मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि जिसे पहले एक स्थानीय अपराध समझा जा रहा था, वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया जा रहा है। उनके मुताबिक, इससे साफ होता है कि प्रदेश में अपराध की जड़ें और गहरी हो चुकी हैं।
सपा अध्यक्ष के बयान ऐसे समय आए हैं जब उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।
