नई दिल्ली, 02 जनवरी 2026
लोकसभा में आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चीन और देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को उठाया। अपने भाषण में राहुल गांधी ने पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब के अंशों का हवाला दिया, जिस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी अप्रकाशित किताब या संस्मरण का हवाला देना संसद के नियमों के खिलाफ है। उनका कहना था कि इस तरह के संदर्भ सदन को गुमराह करने जैसे हैं और इससे संसदीय मर्यादा का उल्लंघन होता है।
इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को आगाह करते हुए कहा कि सदन में चर्चा केवल तय विषय और निर्धारित नियमों के दायरे में ही की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसद की परंपरा और गरिमा बनाए रखना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी ने अपने बचाव में कहा कि उनका स्रोत पूरी तरह विश्वसनीय है और इसमें एक पूर्व सेना प्रमुख के अप्रकाशित संस्मरण शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें अहम राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बोलने नहीं दे रही है।
इस दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चीन से जुड़े मामले बेहद संवेदनशील हैं और विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। अखिलेश यादव ने चीन से उत्पन्न सुरक्षा खतरे को गंभीर बताते हुए इस विषय पर खुली चर्चा की जरूरत पर जोर दिया।
बहस के दौरान भाजपा सांसदों और राहुल गांधी के बीच लगातार हंगामा होता रहा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन की मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं और स्पीकर के निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को संसद के नियमों का पालन करना चाहिए और उन्होंने देश से माफी मांगने की भी बात कही। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता ने जानबूझकर नियमों की अवहेलना की है।
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने चीन की सेना और डोकलाम से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय चार चीनी टैंक भारत की ओर बढ़ रहे थे। इस बयान के बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया।
अंत में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राहुल गांधी को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे नियमों के अनुसार ही अपनी बात रखें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई सदस्य नियमों का पालन नहीं करता है तो उन्हें अन्य वक्ताओं को मौका देना पड़ेगा।
लगातार शोर-शराबे और हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही अंततः दोपहर 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संक्षेप में, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान चीन और रक्षा से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी के बयान और अप्रकाशित किताब के हवाले ने लोकसभा में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, जिस पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
