Uttarakhand Tsunami : मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 जुलाई तक प्रदेश के सभी 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, ऐसे में खासकर पहाड़ी इलाकों में और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है
Uttarakhand Tsunami : उत्तराखंड के लोगो को इस बार भीषण गर्मी से राहत तो मिली लेकिन बारिश ने सबकी मुसीबत बढ़ा दी है। इस बार का मॉनसून अपना कहर दिखा रहा है। मैदान से लेकर पहाड़ो तक पिछले 6 – 7 दिन से लगातार बारिश हो रही है। जो बारिश लोगो को सूरज के कहर से राहत दे रही थी अब वही बारिश आम लोगो की मुसीबत बन गई है।
लगातार हो रही भरी बारिश के चलते कई जगहों पर सड़क और हाईवे रोड बंद कर दिए गए है। पहाड़ी इलाको से मलबा गिरने की खबर भी आ रही है जिस कारण पहाड़ी लोगो को अपना घर छोड़ना पढ़ा।
Intermittent fasting : जानें कैसे आपके लिए जानलेवा हो सकती है Intermittent fasting ?
मॉनसून की इस बारिश ने पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली बद्रीनाथ जैसे क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं को जन्म दिया है। इन घटनाओं ने लोगों के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर दी हैं। इसके अलावा प्रदेश में लगातार भारी बारिश से नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। ऋषिकेश में नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे प्रशासन ने सभी को सतर्कता बरतने के लिए कहा है।प्रशासन ने नदी के आसपास के इलाकों में अनाउंसमेंट कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है ताकि कोई अनहोनी ना हो।
वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्तिथि की गंभीरता को देखते हुए सभी जिला अधिकारियो को आपदा कंट्रोल रूम से अलर्ट रहने को कहा गया है, और अन्य बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही शनिवार यानि 6 जुलाई की रात गंगा नदी के पास अनाउंसमेंट कर लोगो को नदी के बढ़ते जल सत्र के बारे मे बताया और जल्द से जल्द गंगा नदी से दूर कोई सुरक्षित स्तान पर रहने की अपील की।
इसके बाद रविवार यानि 7 जुलाई को कुल 9 राज्यों मे बारिश का अलर्ट जारी किया। हालांकि सरकार ने पहले ही इस मुसीबत से बचने की तैयारी कर ली है। फिल्लाह सभी टीम राहत कार्य मे जुटी हुई है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश का पालन करते हुए प्रशासन ने हर संभव प्रयास भी किया।