हरियाणा में आज रात 10 बजे से बिजली कर्मचारियों की हड़ताल, अनिल विज ने बैठक का किया बहिष्कार

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चंडीगढ़, 21 अक्टूबर। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल आज रात 10 बजे से शुरू होगी और 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिन जारी रहेगी। वहीं, बिजली मंत्री अनिल विज द्वारा बुलाई गई बैठक में कर्मचारी संगठनों ने शामिल होने में असमर्थता जताई है।

गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध

बिजली कर्मचारियों का विरोध हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के उस फैसले को लेकर है, जिसके तहत गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिया गया है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने इस फैसले को सरकारी बिजली व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया है। मोर्चे की मांग है कि निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस का फैसला वापस लिया जाए और बिजली क्षेत्र में निजीकरण की प्रक्रिया रोकी जाए।

बैठक में शामिल नहीं होगा संघर्ष मोर्चा

बिजली मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा के लिए 21 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे चंडीगढ़ सचिवालय में बैठक बुलाई थी। हालांकि, संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई। संगठन की ओर से कहा गया कि बैठक का निमंत्रण मिलने में देरी और कुछ पदाधिकारियों के अस्वस्थ होने के कारण प्रतिनिधि इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे।

कर्मचारियों ने जताई बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि गुरुग्राम और नूंह जैसे अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। उनका दावा है कि इस फैसले से कर्मचारियों के रोजगार और आम उपभोक्ताओं के हितों पर भी असर पड़ने की आशंका है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया और लाइसेंस रद्द नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संयुक्त मोर्चा ने 24 अक्टूबर को हड़ताल के अंतिम दिन आंदोलन की अगली रणनीति घोषित करने की बात कही है।

बिजली निगमों ने जारी किए निर्देश

हड़ताल की घोषणा के मद्देनजर बिजली निगमों ने कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाने और हड़ताल में शामिल होने पर कार्रवाई की चेतावनी देने जैसे कदम उठाए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश की बिजली आपूर्ति और शिकायत निवारण व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित होगी या नहीं, यह संबंधित क्षेत्रों में कर्मचारियों की भागीदारी और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से पहले सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच समाधान निकलता है या नहीं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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Author: New India News Network

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