गुरुग्राम, 22 अक्टूबर। शहर में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण और ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियमों का धरातल पर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। शुक्रवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभिन्न उपायों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें और जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। निगमायुक्त ने संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए कि शहर की मुख्य सड़कों को धूल-मिट्टी से मुक्त बनाने के अभियान में तेजी लाई जाए और एक माह के भीतर मुख्य सड़कों को धूल-मिट्टी मुक्त करने का लक्ष्य लेकर काम किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों, फुटपाथों और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट, सामान्य कचरा और बागवानी अपशिष्ट जमा नहीं होना चाहिए। इसके लिए नियमित निगरानी और समयबद्ध सफाई सुनिश्चित की जाए।
एक सप्ताह में सभी जोन का सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश
निगमायुक्त ने सभी संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के भीतर अपने-अपने जोन में विस्तृत सर्वे कर इंजीनियरिंग और सैनिटेशन कार्यों की स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। सर्वे में सड़कों, फुटपाथों, ग्रीन बेल्ट, कर्ब स्टोन और ड्रेनों की स्थिति का आकलन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे के दौरान सामने आने वाली कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। साथ ही, एक सप्ताह के भीतर सीएंडडी वेस्ट, बागवानी अपशिष्ट और अन्य प्रकार के कचरे को हटाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और धूल-मिट्टी के कारण प्रदूषण की स्थिति न बने। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रत्येक जोन में सफाई और इंजीनियरिंग से संबंधित समस्याओं की स्पष्ट पहचान करना तथा उनके समाधान के लिए जिम्मेदारी और समयसीमा निर्धारित करना है।
सीएक्यूएम द्वारा चिन्हित 174 स्थानों की होगी जांच
बैठक में निगमायुक्त ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा चिन्हित 174 स्थानों की जांच करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि वे इन स्थानों पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और जहां समस्या पाई जाए, वहां उसका समाधान करें, जहां समय लगना है वहां के लिए समयसीमा निर्धारित करें। इन स्थानों पर निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के समाधान की निगरानी की जाएगी, ताकि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा सके।
कचरा जलाने पर पूर्ण रोक, उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई
निगमायुक्त ने खुले में कचरा और अन्य अपशिष्ट जलाने की घटनाओं पर पूर्णतया रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नगर निगम की टीमें बर्निंग के मामलों पर नजर रख रही हैं। खुले में कचरा जलाने के मामले सामने आने पर नियमानुसार चालान और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। निगम का प्रयास है कि ऐसी घटनाओं को रोककर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिले।
एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढकना अनिवार्य
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नगर निगम द्वारा शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रक-माउंटेड एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़क की धूल को नियंत्रित करने और वातावरण में उड़ने वाले धूल कणों को कम करना है। इसके अतिरिक्त, बिना ढके निर्माण सामग्री रखने के मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है। संबंधित निर्माण स्थलों और विक्रेताओं को सामग्री ढकने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई भी की जा रही है। निगम की टीमें सफाई व्यवस्था, निर्माण गतिविधियों और खुले में कचरा जलाने जैसे मामलों की निगरानी कर रही हैं, ताकि ग्रेप के तहत लागू निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
ग्रेप उल्लंघन की शिकायत के लिए डेडिकेटेड हेल्पलाइन जारी
नगर निगम गुरुग्राम ने नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और ग्रेप नियमों के उल्लंघन की जानकारी समय पर प्राप्त करने के लिए डेडिकेटेड हेल्पलाइन नंबर 9821395354 जारी किया है। नागरिक इस नंबर पर कॉल करके या व्हाट्सऐप संदेश भेजकर प्रतिबंधित गतिविधियों और प्रदूषण संबंधी उल्लंघनों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, नागरिक समीर ऐप, सोशल मीडिया, सीएचएस और नगर निगम के कॉल सेंटर हेल्पलाइन नंबर 18001801817 के माध्यम से भी शिकायत कर सकते हैं। नागरिकों से अपील है कि वे शिकायत दर्ज कराते समय संबंधित स्थान और समस्या का स्पष्ट विवरण दें, ताकि मामले को संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
निगमायुक्त की अपील: प्रशासन के साथ नागरिक भी निभाएं जिम्मेदारी
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने नागरिकों से भी अपील की कि वे ग्रेप के नियमों का पालन करें, खुले में कचरा न जलाएं, निर्माण सामग्री को ढककर रखें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा न होने दें। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन दिखाई दे, तो नगर निगम की डेडिकेटेड हेल्पलाइन या अन्य उपलब्ध माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं। नगर निगम गुरुग्राम का लक्ष्य नियमित निगरानी, समयबद्ध सफाई, प्रभावी प्रवर्तन और जनसहयोग के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करना तथा शहरवासियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करना है।







